कमला हैरिस की किताब से खुलासे: हार, दर्द और बाइडन के साथ रिश्ते
कमला हैरिस की नई किताब “107 डेज” इन दिनों सुर्खियों में है। इस किताब में उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान के अपने अनुभव, निजी भावनाएँ और जो बाइडन के साथ साझेदारी के बारे में विस्तार से लिखा है।
ट्रंप से हार का सदमा
हैरिस ने किताब में लिखा है कि जब उन्हें ट्रंप से हार की खबर मिली तो वह टूट गईं। उन्हें इस पर यकीन ही नहीं हुआ और लगा जैसे सब कुछ खत्म हो गया हो। उन्होंने लिखा, “मैं मुश्किल से सांस ले पा रही थी। मन ही मन सोच रही थी—हे भगवान, अब देश का क्या होगा?”

बाइडन की थकान का ज़िक्र
कमला हैरिस ने साफ कहा कि उन्हें बाइडन की क्षमता पर कभी शक नहीं था, लेकिन उम्र के कारण वह थक चुके थे। बहस के दौरान बाइडन की थकान और बोलने में लड़खड़ाहट देखकर हैरिस को लगा कि हालात अच्छे नहीं हैं।
जो बाइडन की पत्नी का सवाल
किताब में एक किस्सा है जब बाइडन के चुनावी रेस से हटने की चर्चा हो रही थी। उस समय जो बाइडन की पत्नी ने हैरिस से पूछा—“क्या आप हमारे साथ हैं?”
हैरिस लिखती हैं कि उस सवाल का मतलब शायद वफादारी को परखना था।
अपनी गलतियाँ मानीं
कमला हैरिस ने यह भी स्वीकार किया कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कुछ गलत फैसले लिए। एक इंटरव्यू शो “द व्यू” में उनसे पूछा गया कि अगर वे बाइडन की जगह होतीं तो पिछले चार सालों में क्या अलग करतीं। उस वक्त हैरिस चुप रह गईं और कोई जवाब नहीं दे पाईं। उन्होंने लिखा—“वह पल हमारी सबसे बड़ी गलती थी। ऐसा लगा जैसे हमने खुद अपने विरोधियों को मौका दे दिया।”
बाइडन से जुड़ाव का असर
हैरिस ने दावा किया कि बाइडन से नज़दीकी का उन्हें राजनीतिक नुकसान हुआ क्योंकि उस समय कई लोग बाइडन से नाराज़ थे।







