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शेयर बाजार अपडेट: लगातार सातवें दिन गिरावट, सेंसेक्स 61 अंक टूटा, निफ्टी भी फिसला

सोमवार को शेयर बाजार एक बार फिर गिरावट के साथ बंद हुआ। निवेशक इस हफ्ते होने वाली भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक का इंतजार कर रहे हैं, जिससे बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांक मामूली गिरावट पर बंद हुए।

सेंसेक्स और निफ्टी का हाल

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 61.52 अंक टूटकर 80,364.94 पर बंद हुआ। इसी तरह एनएसई का निफ्टी 19.80 अंक गिरकर 24,634.90 अंक पर आ गया। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार विदेशी फंडों की निकासी और बैंकिंग शेयरों पर दबाव के चलते यह गिरावट देखने को मिली।

सातवें दिन भी जारी गिरावट

पिछले हफ्ते से ही बाजार में गिरावट का दौर जारी है। सोमवार को यह सिलसिला सातवें दिन तक पहुंच गया। निवेशकों का ध्यान इस बात पर है कि RBI इस बार ब्याज दरों को लेकर क्या फैसला लेता है। ब्याज दरों में किसी भी तरह का बदलाव सीधे बैंकिंग और वित्तीय शेयरों को प्रभावित करता है। यही वजह है कि बैठक से पहले निवेशक सतर्क दिखाई दे रहे हैं।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने पिछले कुछ दिनों से लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकालना शुरू कर दिया है। इस बिकवाली का असर शेयर बाजार पर साफ दिख रहा है। बैंकिंग और आईटी सेक्टर में दबाव की वजह से बाजार की तेजी थम गई है।

रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर

शेयर बाजार के साथ-साथ विदेशी मुद्रा बाजार में भी हलचल रही। सोमवार को रुपया सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद सात पैसे की गिरावट के साथ 88.79 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह रुपया का अब तक का सर्वकालिक निचला स्तर है। डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी का असर आयात और विदेशी निवेश पर और ज्यादा पड़ सकता है।

निवेशकों के लिए संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति में निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। RBI की बैठक के नतीजे आने तक बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहेंगे। अगर ब्याज दरों में बदलाव होता है तो बैंकिंग, रियल एस्टेट और ऑटो सेक्टर पर इसका सीधा असर दिखेगा। वहीं, अगर दरें स्थिर रहती हैं तो बाजार में थोड़ी स्थिरता लौट सकती है।

कुल मिलाकर, सोमवार का दिन निवेशकों के लिए निराशाजनक रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही मामूली गिरावट के साथ बंद हुए, जबकि रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। अब सबकी नजर RBI की आगामी मौद्रिक नीति समिति की बैठक पर है, जो बाजार की अगली दिशा तय करेगी।

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