VB G Ram Ji Act – उत्तराखण्ड में जल्द लागू होगा ‘वीबी जी राम जी अधिनियम’, ग्रामीणों को 125 दिन का रोजगार मिलेगा- धामी
देहरादून- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को एक अहम प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस प्रेस वार्ता में उन्होंने केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘वीबी जी राम जी अधिनियम’ पर जानकारी दी और साथ ही उत्तराखंड के सबसे संवेदनशील और चर्चित मुद्दे अंकिता भंडारी हत्याकांड पर भी खुलकर बात की। प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में मुख्यमंत्री ने कहा कि वीबी जी राम जी अधिनियम केवल मनरेगा का नाम बदलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य गांवों को मजबूत बनाना और ग्रामीण जीवन को बेहतर करना है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 का सपना तभी पूरा होगा, जब गांव भी मजबूत होंगे। इस नए अधिनियम में मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक करने का प्रावधान है और अगर भुगतान में देरी होती है, तो अतिरिक्त पैसा भी दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह कानून खास तौर पर किसानों और ग्रामीण परिवारों के लिए काफी फायदेमंद है। गांव की जरूरतों के आधार पर धनराशि जारी की जाएगी। करीब 50 प्रतिशत काम ग्राम सभा स्तर पर तय होंगे, जिससे गांव के लोग खुद अपने विकास की दिशा तय कर सकेंगे। महिलाओं के लिए भी इसमें खास प्रावधान किए गए हैं। पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार रोकने के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमालयी राज्यों के लिए इस अधिनियम में खास व्यवस्था की गई है। इसमें 90 प्रतिशत धन केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत राज्य सरकार देगी, जिससे राज्य पर ज्यादा आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। इस योजना के लिए कुल बजट 1 लाख 51 हजार करोड़ रुपये रखा गया है, जबकि पहले यह 88 हजार करोड़ रुपये था। मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण, आपदा प्रबंधन, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचा उत्तराखंड जैसे राज्य के लिए बेहद जरूरी हैं और यह अधिनियम इन सभी क्षेत्रों में मददगार साबित होगा। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने अंकिता भंडारी हत्याकांड पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि यह घटना बेहद दर्दनाक और दिल को झकझोर देने वाली थी। सरकार ने इस मामले में शुरू से ही सख्त कदम उठाए। आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मामले की जांच के लिए तत्काल एक विशेष जांच टीम बनाई गई, जिसकी अगुवाई महिला आईपीएस अधिकारी पी रेणुका देवी ने की। एसआईटी ने हर पहलू से जांच की और जिनके पास भी कोई जानकारी थी, उनसे जानकारी मांगी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी मजबूत जांच और सरकार की सख्त पैरवी के चलते तीनों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा मिली। हाल ही में सामने आए ऑडियो क्लिप को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऑडियो की भी जांच के लिए नई एसआईटी बनाई गई है। उन्होंने साफ कहा कि सच सामने आते ही सरकार हर तरह की जांच के लिए तैयार है। अगर कोई भी दोषी पाया जाता है, तो उसे किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ऑडियो में एक नाम लिया जा रहा है और कल किसी और का नाम लिया जा सकता है, इसलिए हर बात की गहराई से जांच जरूरी है। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि एक ऑडियो को लेकर देहरादून के बजाय सीधे दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों की गई। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर माहौल को बेवजह बेकाबू किया जा रहा है। कभी कहा जाता है हत्या हुई और कभी आत्महत्या की बात सामने आती है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि कहीं इसके पीछे कोई साजिश तो नहीं चल रही है। विरोध प्रदर्शनों पर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कल किसी का नाम इस तरह सामने आ जाए, तो वह क्या करेगा। उन्होंने कहा कि सच के सामने आने में समय लगता है, लेकिन जल्द ही धुंध छंटेगी और पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। जब पार्टी के कुछ नेताओं के अलग अलग बयान देने को लेकर सवाल किया गया, तो मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पार्टी का अंदरूनी मामला है। लेकिन इस तरह के बयानों से राज्य में भ्रम की स्थिति बन रही है। उन्होंने दोहराया कि अंकिता भंडारी राज्य की बेटी थी और सरकार ने उसके लिए पूरी मजबूती से लड़ाई लड़ी। उन्होंने कहा कि कोई भी दोषी एक दिन के लिए भी बाहर नहीं आया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ऑडियो के आधार पर नाम उछालना और फिर मोबाइल बंद करके सीधे दिल्ली जाना, यह सब किसी साजिश की ओर इशारा करता है। अगर किसी के पास ठोस सबूत हैं, तो उन्हें सामने आना चाहिए, भागना नहीं चाहिए। उन्होंने कहा कि सुरेश राठौर को भी साफ तौर पर कहा गया है कि वे सामने आकर अपना पक्ष रखें। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरेश राठौर अब पार्टी में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जो भी कड़े सवाल पूछना चाहता है, पूछे, वे हर सवाल का जवाब देने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में जवाब देने ही आए हैं। पार्टी के अंदर साजिश के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है। उन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और शीर्ष नेतृत्व का पूरा समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राजनीति में इस तरह की बातें चलती रहती हैं। पुलिस की कार्रवाई में देरी को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है। नोटिस लगाए जा रहे हैं, मोबाइल लोकेशन की जांच की जा रही है और कानून के तहत जो भी जरूरी कदम हैं, वे उठाए जा रहे हैं। इस प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री के साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, विधायक दिलीप रावत और प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार भी मौजूद रहे। कुल मिलाकर मुख्यमंत्री ने साफ संदेश दिया कि सरकार न तो किसी दोषी को बचाएगी और न ही किसी बेगुनाह के साथ अन्याय होने देगी। सरकार का रुख स्पष्ट है और सच सामने लाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।






