देवा धामी (Uttarakhandi Actor) ने उत्तराखंड का बहिष्कार करने वालों को दिया करारा जवाब।
उत्तराखंड केवल एक राज्य नहीं, बल्कि आस्था, संस्कृति और प्रकृति का अद्भुत संगम है। हिमालय की गोद में बसे इस देवभूमि को दुनिया भर में श्रद्धा और सम्मान की नजर से देखा जाता है। हाल ही में सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा उत्तराखंड के बहिष्कार की बातें की जा रही थीं, जिस पर उत्तराखंडी अभिनेता देवा धामी ने खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बेहद शांत लेकिन मजबूत शब्दों में उन लोगों को जवाब दिया, जो बिना सच्चाई जाने केवल सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

देवा धामी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए कहा कि उनका सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म केवल फिल्मों के प्रचार के लिए नहीं है, बल्कि यह उनके पहाड़ों, संस्कृति और उत्तराखंड के प्रति प्रेम को दिखाने का माध्यम है। उन्होंने साफ कहा कि उत्तराखंड को लेकर जो विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह पूरी तरह बेबुनियाद है और कुछ लोग सिर्फ व्यूज़ और लोकप्रियता के लिए गलत बातें फैला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोगों ने हमेशा सभी का खुले दिल से स्वागत किया है। यहां की संस्कृति में “अतिथि देवो भव” केवल एक कहावत नहीं, बल्कि जीवन का हिस्सा है। चाहे देश के किसी भी कोने से कोई व्यक्ति उत्तराखंड आए, यहां उसे सम्मान और अपनापन मिलता है। यही कारण है कि चारधाम यात्रा से लेकर हरिद्वार और ऋषिकेश तक, लाखों श्रद्धालु हर साल इस पवित्र भूमि पर आते हैं और आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं।
देवा धामी ने आगे कहा कि किसी भी राज्य का बहिष्कार करने की बात करना केवल उस प्रदेश का अपमान नहीं है, बल्कि यह पूरे देश की एकता और सम्मान को ठेस पहुंचाने जैसा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी मुद्दे को समझने से पहले उसकी सच्चाई जाननी जरूरी है। सोशल मीडिया पर अधूरी जानकारी के आधार पर नफरत फैलाना सही नहीं है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति गलत कार्य करेगा, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन किसी एक घटना के आधार पर पूरे राज्य या वहां के लोगों को निशाना बनाना बिल्कुल गलत है। उत्तराखंड के लोग हमेशा शांत, विनम्र और संस्कारी रहे हैं, लेकिन जब उनके सम्मान और पहचान पर सवाल उठाया जाता है, तो जनता जवाब देना भी जानती है।
देवा धामी ने अपने संदेश में हरिद्वार का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति सच्चे मन से देव दर्शन करना चाहता है, तो उसे उत्तराखंड आना ही पड़ेगा। यहां की पवित्र नदियां, मंदिर और आध्यात्मिक वातावरण केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि जीवन के अंतिम संस्कार तक के लिए लोग हरिद्वार का ही रुख करते हैं, क्योंकि यह भूमि केवल एक जगह नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है।
उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि हमें अपने राज्य और देश को मजबूत बनाने के लिए एकजुट होकर सोचना चाहिए। आपसी नफरत और बहिष्कार जैसी बातें समाज को कमजोर करती हैं। भारत की असली ताकत उसकी विविधता और एकता में है। उत्तराखंड हमेशा से देशभक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिकता का प्रतीक रहा है और आगे भी रहेगा।

देवा धामी का यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और हजारों लोग उनके समर्थन में सामने आ रहे हैं। लोगों का कहना है कि उत्तराखंड को लेकर गलत धारणा बनाने के बजाय वहां की संस्कृति, सादगी और प्रेम को समझने की जरूरत है। देवभूमि उत्तराखंड आज भी पूरे देश को एकता, सम्मान और संस्कार का संदेश दे रहा है।
https://www.instagram.com/reel/DYx-UiQBnGz/?igsh=MXE4cHBpMzVsZGZubw==





