केदारनाथ पैदल मार्ग पर चिरबासा में आज भी चुनौती, मलबा-पत्थर आने से रास्ता प्रभावित; जानें यात्रियों के लिए अपडेट
चिरबासा में केदारनाथ पैदल मार्ग की स्थिति, यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए चिरबासा क्षेत्र से जुड़ा रास्ता अभी भी महत्वपूर्ण बना हुआ है।
29 सितंबर 2026 तक उपलब्ध ताजा रिपोर्टों के अनुसार, चिरबासा के पास पैदल मार्ग पर बारिश के कारण मलबा और पत्थर आने से आवाजाही प्रभावित हुई है। 28 सितंबर को मार्ग को सुरक्षित बनाने के लिए मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का काम चल रहा था, लेकिन बारिश के दौरान दोबारा मलबा आने से रास्ता बंद हो गया था।

चिरबासा, गौरीकुंड से करीब ढाई किलोमीटर आगे स्थित है। यहां मार्ग की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सोनप्रयाग और गौरीकुंड से आगे पैदल यात्रा रोक दी थी। धाम से वापस लौट रहे यात्रियों को भी सुरक्षित स्थानों पर रोका गया था। प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रख रही थीं।

इससे पहले चिरबासा क्षेत्र में फंसे करीब 1,500 यात्रियों को रेस्क्यू कर गौरीकुंड पहुंचाया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, ये यात्री मार्ग के दूसरी ओर फंस गए थे।
हेलीकॉप्टर सेवा से जारी रही यात्रा
मौसम में सुधार के बाद 28 सितंबर को चारधाम यात्रा दोबारा शुरू की गई, लेकिन चिरबासा का पैदल मार्ग पूरी तरह सामान्य नहीं था। इस दौरान केदारनाथ के लिए हेली सेवा के माध्यम से यात्रियों की आवाजाही जारी रही।

भारतीय मौसम विभाग के चारधाम सेक्टर अपडेट में भी रुद्रप्रयाग-केदारनाथ क्षेत्र के लिए हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना दर्ज की गई थी।
यात्रियों को सलाह है कि चिरबासा से आगे पैदल जाने से पहले स्थानीय प्रशासन से मार्ग खुलने की पुष्टि जरूर करें और बारिश के दौरान जोखिम वाले हिस्सों में जाने से बचें।





