Uttarakhand Weather Alert: 5 से 7 अक्टूबर तक बदलेगा मौसम, आठ जिलों में बारिश और आकाशीय बिजली का अलर्ट
देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की विदाई के बाद मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। अक्टूबर की शुरुआत में जहां प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क बना हुआ है, वहीं अब बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2026 तक उत्तराखंड में गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधियां हो सकती हैं। इसके बाद 8 अक्टूबर से प्रदेश के लिए उपखंडीय स्तर पर कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।
मौसम में बदलाव का असर खासतौर पर पर्वतीय क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। वहीं 6 और 7 अक्टूबर को कुछ जिलों में बारिश, आकाशीय बिजली और तेज झोंकेदार हवाओं को लेकर येलो अलर्ट की स्थिति बनी रहेगी। ऐसे में पहाड़ों की यात्रा करने वाले लोगों को मौसम का ताजा अपडेट लेकर ही घर से निकलने की सलाह दी जाती है।

5 अक्टूबर से शुरू होगा मौसम में बदलाव
मौसम विभाग के अनुसार 5 अक्टूबर 2026 से उत्तराखंड में मौसम में बदलाव की शुरुआत हो सकती है। इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में बादल विकसित होने के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

कुछ इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है। तेज झोंकेदार हवाओं के कारण खुले क्षेत्रों और पहाड़ी रास्तों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी। हालांकि 5 अक्टूबर को चारधाम यात्रा के प्रमुख मार्गों के लिए सुबह जारी आईएमडी सेक्टर-नाउकास्ट में तत्काल कोई चेतावनी नहीं थी।
6 अक्टूबर को आठ जिलों पर मौसम की नजर
6 अक्टूबर को मौसम का असर अधिक व्यापक रहने की संभावना है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।
जिन आठ जिलों को लेकर येलो अलर्ट की जानकारी सामने आई है, उनमें अल्मोड़ा, नैनीताल, चंपावत, देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं बिजली चमकने के साथ तेज झोंकेदार हवाएं चलने और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।

येलो अलर्ट का मतलब यह नहीं है कि पूरे जिले में लगातार भारी बारिश होगी। इसका संकेत यह है कि मौसम सामान्य से अधिक सक्रिय हो सकता है और स्थानीय स्तर पर मौसम संबंधी जोखिम पैदा हो सकते हैं।
7 अक्टूबर तक जारी रह सकता है असर
7 अक्टूबर 2026 को भी उत्तराखंड में गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधियों को लेकर चेतावनी बनी हुई है। आईएमडी के उपखंडीय पूर्वानुमान में 7 अक्टूबर तक उत्तराखंड के लिए थंडरस्टॉर्म और लाइटनिंग की चेतावनी दी गई है।

पर्वतीय इलाकों में स्थानीय मौसम तेजी से बदल सकता है। ऐसे में बारिश के दौरान पहाड़ी सड़कों पर फिसलन बढ़ने के साथ कुछ संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी स्थिति का खतरा भी बढ़ सकता है।
8 अक्टूबर से राहत के संकेत
मौसम विभाग के 5 अक्टूबर को जारी सात दिवसीय उपखंडीय चेतावनी पूर्वानुमान के अनुसार 8, 9, 10 और 11 अक्टूबर को उत्तराखंड के लिए कोई मौसम चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसका मतलब है कि 5 से 7 अक्टूबर के मुकाबले 8 अक्टूबर से मौसम संबंधी सक्रियता में कमी आने के संकेत हैं।

हालांकि पहाड़ी क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर मौसम में अचानक बदलाव संभव रहता है। इसलिए किसी भी यात्रा से पहले जिलेवार मौसम पूर्वानुमान और स्थानीय प्रशासन की सलाह देखना बेहतर रहेगा।
आकाशीय बिजली को लेकर रहें सतर्क
बारिश और गरज-चमक के दौरान सबसे ज्यादा सावधानी आकाशीय बिजली को लेकर बरतनी चाहिए। बिजली चमकने या तेज गर्जना होने पर खुले मैदान, खेत, ऊंचे पेड़ या किसी अकेले खंभे के पास खड़े होने से बचना चाहिए।

पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रेकिंग या खुले स्थानों पर मौजूद पर्यटकों को मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित भवन या आश्रय में चले जाना चाहिए। वाहन चालकों को भी तेज बारिश और कम दृश्यता की स्थिति में गति नियंत्रित रखने की जरूरत है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
अक्टूबर में उत्तराखंड में पर्यटन और चारधाम यात्रा का दौर जारी रहता है। इसलिए बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री सहित अन्य पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करने वालों को मौसम की जानकारी पर नजर रखनी चाहिए।

खासकर 5 से 7 अक्टूबर के बीच यात्रा करने वाले लोग रवाना होने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लें। मौसम खराब होने पर अनावश्यक रूप से ऊंचाई वाले क्षेत्रों की ओर जाने से बचना बेहतर होगा।
बदलते मौसम के साथ बढ़ेगी ठंड
बारिश और बादलों के कारण पर्वतीय इलाकों में तापमान में गिरावट महसूस हो सकती है। सुबह और रात के समय ठंड बढ़ने के साथ ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम और अधिक ठंडा हो सकता है।
मानसून की विदाई के बाद अक्टूबर में होने वाला यह बदलाव उत्तराखंड में मौसम के अगले चरण की शुरुआत का संकेत देता है। फिलहाल 5, 6 और 7 अक्टूबर मौसम की दृष्टि से महत्वपूर्ण दिन हैं, जबकि 8 अक्टूबर से आईएमडी की वर्तमान चेतावनी में राहत के संकेत हैं।





