#Home #Dehradun #Uttarakhand

उत्तराखंड में फिर बदला मौसम, आठ जिलों में बारिश और तेज हवाओं का येलो अलर्ट

देहरादून: उत्तराखंड में अक्टूबर की शुरुआत के साथ मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक बादल छाए हुए हैं और कई जगहों पर बारिश के दौर शुरू हो गए हैं। देहरादून समेत कई क्षेत्रों में मंगलवार को हुई बारिश के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने 7 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के आठ जिलों में बारिश, आकाशीय बिजली और तेज झोंकेदार हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी उत्तराखंड में मौसम पूरी तरह साफ रहने की संभावना नहीं है। 7 से 10 अक्टूबर तक गरज-चमक और आकाशीय बिजली की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी गई है।

इन आठ जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट

7 अक्टूबर के लिए देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, नैनीताल, अल्मोड़ा, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में मौसम को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर आकाशीय बिजली चमकने की स्थिति भी बन सकती है।

देहरादून में बारिश से गिरा तापमान

राजधानी देहरादून में मंगलवार से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे और कई इलाकों में रुक-रुककर बारिश हुई। सहस्रधारा रोड क्षेत्र में करीब 47 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि मालदेवता, मसूरी और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश के कई दौर देखने को मिले।

बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट आई है। अक्टूबर की शुरुआत में जहां दिन के समय गर्मी महसूस हो रही थी, वहीं बारिश के बाद मौसम अपेक्षाकृत ठंडा हो गया है। देहरादून और आसपास के इलाकों में बुधवार को भी बादल और बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

पहाड़ों में भी बारिश और बिजली का खतरा

मौसम में बदलाव का असर सिर्फ मैदानी जिलों तक सीमित नहीं है। पर्वतीय क्षेत्रों में भी कई जगहों पर बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम और तेजी से बदल सकता है।

चारधाम और अन्य पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वालों के लिए मौसम का यह बदलाव महत्वपूर्ण है। IMD के चारधाम सेक्टर अपडेट के अनुसार कुछ मार्गों पर हल्की बारिश और गरज के साथ हल्की आंधी की संभावना दर्ज की गई है, जबकि कई सेक्टरों में फिलहाल कोई विशेष चेतावनी नहीं है।

4200 मीटर से ऊपर बर्फबारी की संभावना

बारिश के साथ ऊंचाई वाले इलाकों में मौसम का असर और अधिक दिखाई दे सकता है। मौसम संबंधी पूर्वानुमानों के अनुसार करीब 4200 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी की संभावना भी बनी हुई है। इसका असर ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों के तापमान पर पड़ सकता है।

ऊंचाई वाले इलाकों में रात के समय तापमान में तेजी से गिरावट आने की संभावना रहती है। ऐसे में ट्रेकिंग, पर्वतीय यात्रा या ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रुकने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।

बारिश के बीच लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?

मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। तेज हवाओं के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर संरचनाओं के आसपास खड़े होने से बचना बेहतर है।

पर्वतीय मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करनी चाहिए। बारिश के दौरान पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क पर फिसलन और अचानक मौसम खराब होने की स्थिति बन सकती है

अक्टूबर में क्यों बदल रहा है मौसम?

अक्टूबर में उत्तराखंड में सामान्य तौर पर मानसून की विदाई के बाद मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगता है। लेकिन इस दौरान पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से कुछ दिनों तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

इस बार भी प्रदेश में मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है। आने वाले दिनों में बारिश के बाद तापमान में और गिरावट आने पर पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड का असर बढ़ सकता है।

फिलहाल मौसम विभाग की नजर प्रदेश के बदलते मौसम पर बनी हुई है। 7 से 10 अक्टूबर के बीच बारिश, बिजली और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर पहाड़ों में यात्रा करने वालों के लिए स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखना सबसे जरूरी होगा।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *