उत्तराखंड की मिट्टी और लोक परंपराओं की सशक्त आवाज़ : देवा धामी
पिथौरागढ़– उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध अभिनेता देवा धामी की हाल ही में रिलीज़ हुई फ़िल्म “मंगल” इन दिनों लगातार चर्चाओं में है। उत्तराखंड की संस्कृति, भाषा और सामाजिक वास्तविकताओं को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करने वाली इस फ़िल्म को दर्शकों का खूब प्यार मिल रहा है।

पूरे उत्तराखंड में फ़िल्म को लेकर उत्साह का माहौल है और इसके बाद अभिनेता देवा धामी भी लगातार सुर्ख़ियों में बने हुए हैं। आइए जानते हैं उनके अब तक के अभिनय सफ़र के बारे में। कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो सिर्फ़ किरदार नहीं निभाते, वे अपनी मिट्टी की आवाज़ बन जाते हैं।

पिथौरागढ़, उत्तराखंड के मूल निवासी और ‘छोलिया मैन ऑफ़ उत्तराखंड’ के नाम से प्रसिद्ध देवा धामी ने थिएटर से अपने करियर की शुरुआत की। रज़ा मुराद और टॉम ऑल्टर जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ काम करके उन्होंने अपने अभिनय को निखारा और फिर दूरदर्शन, टीवी धारावाहिकों और विज्ञापनों में अपनी अलग पहचान बनाई।

2018 में आई उनकी पहली फ़ीचर फ़िल्म ‘छोलियार’ ने छोलिया लोकनृत्य को नई पहचान दी। इसके बाद ‘केदार’ में उन्होंने स्वास्थ्य व्यवस्था और पलायन जैसे मुद्दों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।

यू.पी. की फ़िल्म ‘बुलन्द छोरा’ में भी उनके अभिनय को सराहा गया। हाल ही में रिलीज़ हुई फ़िल्म ‘मंगल’ दर्शकों के बीच काफ़ी पसंद की जा रही है, और खासकर उत्तराखंड में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। देवा धामी का मानना है कि फिल्में समाज का आईना होती हैं,

https://youtu.be/plI4bsznS9o?si=8a50BW8JdYqreFPG
वे हर फ़िल्म को चुनने से पहले यह ज़रूर देखते हैं कि वह दर्शकों को क्या संदेश देगी। अपने अभिनय और सामाजिक पहलों के ज़रिए वे उत्तराखंड की संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक सरोकारों को सहेजने का काम कर रहे हैं, जो उन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक सशक्त प्रेरणा बनाता है






