कूनो से निकला चीता तीन दिन से भूखा, भीड़ और कांवड़ यात्रा के शोर ने बढ़ाई मुश्किल : Kuno National Park
कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकला एक चीता पिछले करीब 10 दिनों से आसपास के ग्रामीण इलाकों में भटक रहा है। इन दिनों वह श्योपुर के सोंईकलां और रामबाड़ी क्षेत्र के खेतों में देखा जा रहा है। जंगल में वापस लौटने की कोशिश के बावजूद इंसानी हलचल, वाहनों का शोर और ग्रामीणों की भीड़ उसके लिए सबसे बड़ी परेशानी बन गई है। वन विभाग के अनुसार, चीता कई बार जंगल की दिशा में बढ़ा, लेकिन रास्ते में लोगों की मौजूदगी और शोर के कारण वह घबरा गया। यही वजह है कि वह अपना रास्ता बदलकर दोबारा खेतों और झाड़ियों वाले इलाकों की ओर लौट रहा है।
बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले चीता कूनो की ओर जाने वाले रास्ते पर पहुंच गया था। इसी दौरान कुछ लोगों ने उसे खदेड़ने की कोशिश की और शोर मचाया। कुछ किसानों द्वारा पत्थर फेंके जाने की भी जानकारी सामने आई है। इसके बाद चीता डरकर आगे बढ़ने के बजाय वापस सोंईकलां की ओर चला गया।
सोमवार और मंगलवार की रात कांवड़ यात्रा से जुड़ी गाड़ियों की हलचल के बीच चीता अचानक सड़क के पास दिखाई दिया। वाहनों और लोगों की गतिविधियां देखकर वह कुछ समय बाद सड़क छोड़कर झाड़ियों में चला गया। मंगलवार को उसने रामबाड़ी क्षेत्र के खेतों में काफी समय बिताया।

वन विभाग और चीता ट्रैकिंग टीम की निगरानी में सामने आया है कि चीते ने पिछले तीन दिनों से किसी जानवर का शिकार नहीं किया है। दिन के समय जब आसपास लोगों की आवाजाही ज्यादा होती है, तब वह लंबी घास और झाड़ियों में छिपा रहता है।
लगातार खेतों में मौजूद रहने से स्थानीय किसानों में भी चिंता बढ़ गई है। कई किसान डर की वजह से अपने खेतों में जाने से बच रहे हैं। वन विभाग की कोशिश है कि चीते को बिना परेशान किए वह स्वयं सुरक्षित तरीके से अपने प्राकृतिक आवास में वापस चला जाए।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, किसी जंगली जानवर के आसपास लगातार भीड़, तेज आवाज और वाहनों की आवाजाही उसके व्यवहार को प्रभावित कर सकती है। डर की स्थिति में चीता अपने सामान्य रास्ते से हट सकता है और बार-बार दिशा बदल सकता है।
यही स्थिति अभी कूनो से बाहर आए इस चीते के साथ दिखाई दे रही है। जंगल उसके बिल्कुल करीब है, लेकिन वहां तक पहुंचने वाला रास्ता इंसानी गतिविधियों के कारण उसके लिए सुरक्षित और शांत नहीं रह गया है।

चीते की गतिविधियों पर वन विभाग और विशेष ट्रैकिंग टीम लगातार नजर बनाए हुए है। टीम उसके मूवमेंट को ट्रैक कर रही है और कोशिश की जा रही है कि उसे किसी तरह का खतरा न हो और वह सुरक्षित रूप से कूनो नेशनल पार्क की सीमा में वापस पहुंच सके।
प्रशासन ने ग्रामीणों और आसपास से गुजरने वाले लोगों से अपील की है कि वे चीते के पास न जाएं, उसे घेरने या डराने की कोशिश न करें और किसी भी तरह का शोर न मचाएं। वन विभाग का मानना है कि अगर इलाके में इंसानी दबाव कम रखा गया, तो चीता खुद जंगल की ओर लौट सकता है।
फिलहाल सबसे बड़ी चिंता यह है कि चीता सुरक्षित रूप से वापस जंगल तक पहुंचे और इस दौरान इंसान तथा वन्यजीव दोनों किसी नुकसान से बचे रहें। कूनो और आसपास के क्षेत्रों में वन विभाग की निगरानी लगातार जारी है।





