उत्तराखंड में बारिश से हजारों श्रद्धालु प्रभावित, 1,500 यात्रियों का रेस्क्यू; अब चारधाम यात्रा की क्या स्थिति?
उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण चारधाम यात्रा प्रभावित हुई और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को अलग-अलग सुरक्षित स्थानों पर रोकना पड़ा। 28 सितंबर की रिपोर्टों के अनुसार, 15 हजार से अधिक तीर्थयात्रियों को विभिन्न स्थानों पर रोका गया था। मौसम में सुधार के बाद अब यात्रा को दोबारा शुरू कर दिया गया है, हालांकि कुछ संवेदनशील मार्गों पर अभी भी सावधानी बरती जा रही है।

सबसे ज्यादा असर केदारनाथ यात्रा मार्ग पर देखने को मिला। भारी बारिश के बाद चिरबासा के पास भूस्खलन से पैदल रास्ता प्रभावित हुआ और लगातार पत्थर गिरने के कारण आवाजाही जोखिमपूर्ण हो गई। इस दौरान करीब 1,500 यात्रियों को एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और डीडीआरएफ की संयुक्त टीमों ने सुरक्षित निकालकर गौरीकुंड पहुंचाया।

वहीं, केदारनाथ जाने वाले करीब पांच हजार यात्रियों को सोनप्रयाग, गौरीकुंड और आसपास के सुरक्षित स्थानों पर रोका गया था। गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले यात्रियों को भी मार्ग की स्थिति को देखते हुए अलग-अलग पड़ावों पर रोकने की व्यवस्था की गई थी। हेमकुंड साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं को भी घांघरिया और गोविंदघाट में रोका गया था।
अब क्या है स्थिति?
मौसम में सुधार के बाद 28 सितंबर से चारधाम यात्रा फिर शुरू कर दी गई है। हालांकि चिरबासा के पास केदारनाथ पैदल मार्ग पर मलबा और बोल्डर हटाने तथा रास्ते की मरम्मत का काम जारी था। इस हिस्से में पैदल आवाजाही को लेकर प्रशासन ने सावधानी बरतने को कहा है। केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर सेवा भी संचालित की जा रही है।

प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले मौसम और सड़क-पैदल मार्ग की ताजा स्थिति की जानकारी लें। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम तेजी से बदल सकता है, इसलिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस के निर्देशों का पालन करना जरूरी है।





