देहरादून जिले का क्षेत्रफल कितना है? जानिए 10 विधायक, सांसद और मौजूदा DM का नाम
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून अपनी खूबसूरत वादियों, शैक्षणिक संस्थानों, पर्यटन स्थलों और प्रशासनिक महत्व के लिए देशभर में पहचानी जाती है। एक ओर यहां आधुनिक शहर का विस्तार दिखाई देता है, तो दूसरी ओर मसूरी, चकराता और आसपास के पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक सुंदरता लोगों को आकर्षित करती है। देहरादून राज्य की राजधानी होने के साथ-साथ शिक्षा, पर्यटन, व्यापार और सरकारी गतिविधियों का भी प्रमुख केंद्र है।
देहरादून जिले का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 3,088 वर्ग किलोमीटर है। जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, यहां 8 तहसीलें और 6 विकासखंड हैं। जिले में शहरी और ग्रामीण, दोनों तरह के क्षेत्र शामिल हैं।
देहरादून में कितने जिले, तहसील और विकासखंड हैं?
एक जिले के अंतर्गत दूसरे जिले नहीं होते। प्रशासनिक कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए तहसीलें और विकासखंड बनाए जाते हैं।
देहरादून जिले में कुल 8 तहसीलें हैं:
देहरादून सदर
डोईवाला
ऋषिकेश
विकासनगर
चकराता
कालसी
त्यूनी
मसूरी
इसके अलावा जिले में 6 विकासखंड हैं। इनमें चकराता, कालसी, विकासनगर, सहसपुर, रायपुर और डोईवाला शामिल हैं। तहसीलों के जरिए राजस्व और भूमि संबंधी कामकाज होता है, जबकि विकासखंड ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं और विकास कार्यक्रमों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

देहरादून जिले में कितने विधायक हैं?
देहरादून जिले में उत्तराखंड विधानसभा की 10 सीटें आती हैं। इन सीटों से चुने गए विधायक अपने क्षेत्रों की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों को विधानसभा में उठाते हैं।
वर्तमान विधायकों की सूची इस प्रकार है:
चकराता: प्रीतम सिंह — भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
विकासनगर: मुन्ना सिंह चौहान — भारतीय जनता पार्टी
सहसपुर: सहदेव सिंह पुंडीर — भारतीय जनता पार्टी
धर्मपुर: विनोद चमोली — भारतीय जनता पार्टी
रायपुर: उमेश शर्मा ‘काऊ’ — भारतीय जनता पार्टी
राजपुर रोड: खजान दास — भारतीय जनता पार्टी
देहरादून कैंट: सविता कपूर — भारतीय जनता पार्टी
मसूरी: गणेश जोशी — भारतीय जनता पार्टी
डोईवाला: बृज भूषण गैरोला — भारतीय जनता पार्टी
ऋषिकेश: प्रेमचंद अग्रवाल — भारतीय जनता पार्टी
शहर में बढ़ती आबादी, यातायात, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और सड़क व्यवस्था प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं। वहीं, ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार, सड़क संपर्क, खेती और बुनियादी सुविधाओं की जरूरत भी महत्वपूर्ण है।
देहरादून के सांसद कौन हैं?
देहरादून जिले की विधानसभा सीटें टिहरी गढ़वाल लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती हैं। इस संसदीय क्षेत्र की वर्तमान सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह हैं, जो भारतीय जनता पार्टी से हैं।

लोकसभा सांसद संसद में क्षेत्र से जुड़े मुद्दे उठाने और केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित विषयों पर भूमिका निभाते हैं। देहरादून में शहरी विकास, परिवहन, पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार अहम विषय हैं।
देहरादून के मौजूदा जिलाधिकारी (DM) कौन हैं?
जिलाधिकारी जिले की प्रशासनिक व्यवस्था के प्रमुख अधिकारियों में शामिल होते हैं। सरकारी योजनाओं की निगरानी, राजस्व संबंधी कार्यों, विभागीय समन्वय और आपदा प्रबंधन में उनकी अहम भूमिका रहती है।
अक्टूबर 2026 की हालिया मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, डॉ. आशीष चौहान (IAS) देहरादून के जिलाधिकारी हैं। उन्होंने मई 2026 में यह जिम्मेदारी संभाली थी। राजधानी होने के कारण देहरादून में प्रशासन के सामने यातायात प्रबंधन, शहरी विस्तार, नागरिक सुविधाओं, स्वच्छता और आपदा से निपटने जैसी कई चुनौतियां रहती हैं।
देहरादून क्यों है उत्तराखंड का खास जिला?
देहरादून की पहचान केवल राजधानी होने तक सीमित नहीं है। यहां भारतीय सैन्य अकादमी, वन अनुसंधान संस्थान और कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान स्थित हैं। मसूरी, सहस्रधारा, गुच्चूपानी और चकराता जैसे पर्यटन स्थल भी इस क्षेत्र को खास बनाते हैं।
दूसरी ओर, तेजी से बढ़ती आबादी और निर्माण गतिविधियों के कारण यातायात का दबाव, कचरा प्रबंधन, जलापूर्ति और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषय लगातार महत्वपूर्ण होते जा रहे हैं। शहर और आसपास के गांवों का संतुलित विकास सुनिश्चित करना प्रशासन और जनप्रतिनिधियों, दोनों के लिए बड़ी जिम्मेदारी है।
देहरादून जिले की जानकारी एक नजर में
कुल क्षेत्रफल: 3,088 वर्ग किलोमीटर
जिला मुख्यालय: देहरादून
कुल तहसीलें: 8
कुल विकासखंड: 6
विधानसभा सीटें: 10
लोकसभा क्षेत्र: टिहरी गढ़वाल
सांसद: माला राज्य लक्ष्मी शाह
मौजूदा जिलाधिकारी: डॉ. आशीष चौहान (IAS)
आधिकारिक वेबसाइट: https://dehradun.nic.in/
देहरादून उत्तराखंड का प्रशासनिक, शैक्षणिक और पर्यटन संबंधी महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां विकास की संभावनाएं जितनी बड़ी हैं, उतनी ही जरूरी पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधाओं पर ध्यान देना भी है। बेहतर योजना और प्रभावी प्रशासन के जरिए जिले को अधिक व्यवस्थित, स्वच्छ और सुविधाजनक बनाया जा सकता है।






