ऊधम सिंह नगर जिले का क्षेत्रफल कितना है? जानिए 9 विधायक, सांसद और मौजूदा DM
उत्तराखंड का ऊधम सिंह नगर जिला अपनी कृषि भूमि, औद्योगिक गतिविधियों और तेजी से विकसित होते शहरों के लिए जाना जाता है। कुमाऊं के तराई क्षेत्र में स्थित यह जिला राज्य की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाता है। यहां एक ओर धान और गेहूं की खेती बड़े पैमाने पर होती है, तो दूसरी ओर रुद्रपुर, काशीपुर और पंतनगर जैसे औद्योगिक व कारोबारी केंद्र रोजगार के अवसर पैदा करते हैं।
जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, ऊधम सिंह नगर का कुल क्षेत्रफल 2,542 वर्ग किलोमीटर है। जिले का मुख्यालय रुद्रपुर में स्थित है। इसका गठन अक्टूबर 1995 में तत्कालीन नैनीताल जिले के कुछ हिस्सों को अलग करके किया गया था। जिले का नाम स्वतंत्रता सेनानी शहीद ऊधम सिंह की स्मृति में रखा गया।

ऊधम सिंह नगर में कितने जिले, तहसील और विकासखंड हैं?
ऊधम सिंह नगर के अंदर कितने जिले हैं। प्रशासनिक व्यवस्था में किसी जिले के भीतर दूसरे जिले नहीं होते। इसके अंतर्गत तहसीलें और विकासखंड आते हैं, जो राजस्व संबंधी कामकाज और ग्रामीण विकास योजनाओं को संचालित करने में मदद करते हैं।
ऊधम सिंह नगर जिला प्रशासन के प्रशासनिक विवरण में 8 तहसीलों के नाम दिए गए हैं—खटीमा, सितारगंज, किच्छा, रुद्रपुर, गदरपुर, बाजपुर, काशीपुर और जसपुर। जिले में 7 विकासखंड हैं। हालांकि, जिला वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर तहसीलों की संख्या 9 भी दिखाई गई है।
ऊधम सिंह नगर में कितने विधायक हैं?
ऊधम सिंह नगर जिले के अंतर्गत उत्तराखंड विधानसभा की 9 सीटें आती हैं। इन क्षेत्रों से चुने गए विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की समस्याएं विधानसभा तक पहुंचाते हैं और स्थानीय विकास से जुड़े मुद्दों पर काम करते हैं।
जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जनप्रतिनिधियों की सूची के अनुसार, जिले के नौ विधायक हैं:
- जसपुर: आदेश सिंह चौहान — कांग्रेस
- काशीपुर: त्रिलोक सिंह चीमा — भाजपा
- बाजपुर: यशपाल आर्य — कांग्रेस
- गदरपुर: अरविंद पांडे — भाजपा
- रुद्रपुर: शिव अरोरा — भाजपा
- किच्छा: तिलक राज बेहड़ — कांग्रेस
- सितारगंज: सौरभ बहुगुणा — भाजपा
- नानकमत्ता: गोपाल सिंह राणा — कांग्रेस
- खटीमा: भुवन चंद्र कापड़ी — कांग्रेस
इस तरह जिले में कुल नौ विधानसभा क्षेत्र हैं।
जिले की विकास संबंधी प्राथमिकताएं क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग हैं। कृषि प्रधान इलाकों में सिंचाई, फसलों का उचित मूल्य और किसानों की सुविधाएं महत्वपूर्ण हैं। वहीं, औद्योगिक क्षेत्रों में रोजगार, श्रमिकों की सुविधाएं, यातायात और पर्यावरण से जुड़े सवाल प्रमुख रहते हैं। ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क संपर्क को बेहतर बनाना भी जरूरी है।

ऊधम सिंह नगर के सांसद कौन हैं?
ऊधम सिंह नगर का प्रतिनिधित्व लोकसभा में नैनीताल-ऊधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र के माध्यम से होता है। जिला प्रशासन की वेबसाइट के अनुसार, इस लोकसभा सीट के वर्तमान सांसद अजय भट्ट हैं, जो भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हैं। यह संसदीय क्षेत्र नैनीताल और ऊधम सिंह नगर जिले के इलाकों को मिलाकर बना है।
सांसद की भूमिका संसद में क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को उठाने, केंद्रीय योजनाओं के संबंध में आवाज रखने और विकास से संबंधित विषयों को आगे बढ़ाने की होती है। ऊधम सिंह नगर में कृषि, उद्योग, सड़क संपर्क और रोजगार जैसे मुद्दे स्थानीय विकास के लिए खास महत्व रखते हैं।
ऊधम सिंह नगर के मौजूदा जिलाधिकारी (DM) कौन हैं?
जिलाधिकारी जिले के प्रशासनिक कामकाज का प्रमुख अधिकारी होता है। राजस्व व्यवस्था, सरकारी योजनाओं की निगरानी, आपदा प्रबंधन और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जैसी जिम्मेदारियों में उनकी अहम भूमिका रहती है।
ऊधम सिंह नगर जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की सूची के अनुसार, नितिन सिंह भदौरिया (IAS) जिले के वर्तमान जिलाधिकारी हैं।
तराई क्षेत्र में बाढ़ और जलभराव की आशंका, शहरी विस्तार, औद्योगिक गतिविधियों और कृषि से जुड़ी जरूरतों को देखते हुए जिला प्रशासन के सामने कई तरह की चुनौतियां रहती हैं। ऐसे में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और स्थानीय स्तर पर विभागों के बीच बेहतर तालमेल महत्वपूर्ण है।

ऊधम सिंह नगर जिले की जानकारी एक नजर में
कुल क्षेत्रफल: 2,542 वर्ग किलोमीटर
जिला मुख्यालय: रुद्रपुर
विकासखंड: 7
विधानसभा सीटें: 9
लोकसभा क्षेत्र: नैनीताल-ऊधम सिंह नगर
सांसद: अजय भट्ट
वर्तमान जिलाधिकारी: नितिन सिंह भदौरिया (IAS)
आधिकारिक वेबसाइट: https://usnagar.nic.in/
ऊधम सिंह नगर उत्तराखंड के उन जिलों में शामिल है, जहां खेती और उद्योग साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। यहां कृषि को मजबूत करने, उद्योगों के जरिए रोजगार बढ़ाने, शहरी सुविधाओं में सुधार करने और गांवों तक विकास पहुंचाने की बड़ी संभावनाएं हैं। इन क्षेत्रों में संतुलित विकास जिले की आर्थिक प्रगति के साथ स्थानीय लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर बना सकता है।





