#Home #Haridwar #News #Pithoragarh #Uttarakhand

उत्तराखंड के पिथौरागढ़ और हल्द्वानी में 21 अगस्त को रिलीज़ होगी बहुप्रतीक्षित कुमाऊँनी फिल्म ‘मंगल’ एक पहाड़ी देवा धामी और अंकिता परिहार की जोड़ी बिखेरेगी जादू..

उत्तराखंड की संस्कृति, लोक परंपराओं और पहाड़ की आत्मा को बड़े पर्दे पर जीवंत करने वाली बहुप्रतीक्षित कुमाऊँनी फीचर फिल्म ‘मंगल’ एक पहाड़ी अब रिलीज़ के लिए पूरी तरह तैयार है। लंबे समय से इस फिल्म का इंतजार कर रहे उत्तराखंडी दर्शकों के लिए खुशखबरी है कि यह फिल्म 21 अगस्त को उत्तराखंड के पिथौरागढ़ और हल्द्वानी के सिनेमाघरों में रिलीज़ होने जा रही है। ट्रेलर, टीज़र और फिल्म के गीतों को मिले जबरदस्त प्यार के बाद दर्शकों की उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। सोशल मीडिया पर भी फिल्म को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जिससे साफ है कि लोग इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

फिल्म ‘मंगल’ एक पहाड़ी का निर्माण महेश भंडारी और हिल्स वन स्टूडियोज ने किया है। वहीं निर्देशन की कमान उत्तराखंडी सिनेमा के जाने-माने निर्देशक एम. आई. राज ने संभाली है। उनके निर्देशन की पहचान हमेशा कहानी की गहराई, भावनात्मक प्रस्तुति और स्थानीय संस्कृति को प्रभावशाली ढंग से पर्दे पर उतारने के लिए रही है। इस फिल्म में गणिदेव ने एसोसिएट डायरेक्टर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और पूरी टीम ने मिलकर इस परियोजना को एक अलग पहचान देने का प्रयास किया है।

फिल्म की सबसे बड़ी विशेषताओं में इसका संगीत भी शामिल है। उत्तराखंड की लोकधुनों को आधुनिक संगीत के साथ खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया है। गीतकार और संगीतकार सतेंद्र परंडिया तथा विरेंद्र राही द्वारा तैयार किए गए गीत पहले ही लोगों की जुबान पर चढ़ चुके हैं। विशेष रूप से “अल्मोड़ी बाज़ारा” गीत ने युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक सभी का दिल जीत लिया है। इसके अलावा “मंगल हो” और “रामी पोराणी सी” जैसे गीत भी सोशल मीडिया और यूट्यूब पर लगातार लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं। फिल्म के सभी गीत पंचाचूली पिक्चर्स के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध हैं, जहां दर्शक इन्हें लगातार सुन और साझा कर रहे हैं।

यदि फिल्म की कहानी और विषय की बात करें तो ‘मंगल’ एक पहाड़ी केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, लोकजीवन, पारंपरिक रीति-रिवाजों और “अतिथि देवो भवः” जैसी भारतीय संस्कृति की महान भावना को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करने का प्रयास करती है। फिल्म के माध्यम से पहाड़ के सामाजिक जीवन, रिश्तों की मिठास, पारिवारिक मूल्यों और लोक संस्कृति को एक भावनात्मक अंदाज़ में दर्शाया गया है। यही वजह है कि इसे केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि उत्तराखंड की पहचान और संस्कृति का सिनेमाई उत्सव भी माना जा रहा है।

फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे अभिनेता देवा धामी एक बार फिर दर्शकों के बीच नए अंदाज़ में नजर आएंगे। इससे पहले भी उन्होंने अपनी दमदार अभिनय क्षमता से उत्तराखंडी दर्शकों का दिल जीता है। उनकी सादगी, संवाद अदायगी और स्थानीय किरदारों को जीवंत करने की कला उन्हें अलग पहचान दिलाती है। इस फिल्म में उनके साथ लोकप्रिय अभिनेत्री अंकिता परिहार मुख्य भूमिका में दिखाई देंगी। दोनों कलाकारों की जोड़ी को लेकर दर्शकों में पहले से ही काफी उत्साह है। ट्रेलर में दोनों की शानदार केमिस्ट्री ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है और उम्मीद की जा रही है कि यह जोड़ी बड़े पर्दे पर भी दर्शकों को प्रभावित करेगी।

फिल्म में केवल मुख्य कलाकार ही नहीं, बल्कि कई अनुभवी और प्रतिभाशाली कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे। इनमें जनार्दन उप्रेती, गणेश सिंह रौतेला, विशाल, शुभम तिवारी, लोकेश, शालिनी और मीनू सहित कई कलाकार शामिल हैं। सभी कलाकारों ने अपने-अपने किरदारों को पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ निभाने का प्रयास किया है, जिससे फिल्म की कहानी और भी प्रभावशाली बनती है। फिल्म के प्रोडक्शन हेड भारत प्रजापति ने अपने कुशल प्रबंधन, समर्पण और टीम समन्वय से ‘मंगल’ एक पहाड़ी के निर्माण को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

निर्माताओं के अनुसार फिल्म का पहला चरण 21 अगस्त से उत्तराखंड के प्रमुख शहरों पिथौरागढ़ और हल्द्वानी के सिनेमाघरों में शुरू होगा। इसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से दिल्ली सहित देश के अन्य शहरों में भी रिलीज़ किया जाएगा, ताकि उत्तराखंड से बाहर रहने वाले लाखों प्रवासी उत्तराखंडी भी अपनी भाषा और संस्कृति से जुड़ी इस फिल्म का आनंद बड़े पर्दे पर ले सकें। यह रणनीति फिल्म को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

उत्तराखंडी सिनेमा पिछले कुछ वर्षों में लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। बेहतर कहानियां, तकनीकी गुणवत्ता और स्थानीय कलाकारों की मेहनत ने क्षेत्रीय फिल्मों के प्रति दर्शकों का भरोसा मजबूत किया है। ऐसे समय में ‘मंगल’ एक पहाड़ी जैसी फिल्म से उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं। यदि फिल्म दर्शकों की भावनाओं और उम्मीदों पर खरी उतरती है, तो यह न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफलता हासिल कर सकती है, बल्कि उत्तराखंडी सिनेमा के लिए एक नया मील का पत्थर भी साबित हो सकती है।

अब पूरे उत्तराखंड और देशभर में बसे उत्तराखंडी दर्शकों की निगाहें 21 अगस्त पर टिकी हैं। सभी यह जानने को उत्सुक हैं कि क्या ‘मंगल’ एक पहाड़ी अपने दमदार विषय, शानदार संगीत, प्रभावशाली अभिनय और सांस्कृतिक प्रस्तुति के बल पर दर्शकों का दिल जीत पाएगी। इतना तय है कि यह फिल्म केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और लोकजीवन को देश-दुनिया तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

https://www.youtube.com/watch?v=plI4bsznS9o

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *