उत्तर प्रदेश में 56 लोगों की मौत, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बारिश ने मचाई तबाही
उत्तर प्रदेश में सितंबर के आखिरी दिनों में हुई असाधारण बारिश ने कई जिलों में जनजीवन को प्रभावित किया है। 25 से 27 सितंबर के बीच बारिश और तूफान से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 56 लोगों की मौत और 46 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने हैं, जबकि मकानों और फसलों को भी नुकसान पहुंचा है।

जिलों में बाढ़ जैसे हालात
भारी बारिश के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में सड़कें और निचले इलाके पानी में डूब गए। घाघरा और राप्ती जैसी नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं और जरूरत के अनुसार लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है।

वर्षा की गति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 25 से 27 सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश में 66.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि इस अवधि का सामान्य आंकड़ा करीब 7.6 मिलीमीटर है। देखने योग्य यह है की सामान्य से कई गुना अधिक वर्षा ने अचानक बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ा दिया।
मकानों और फसलों क्षति
भारी बारिश के साथ तेज हवाओं ने कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिरा दिए। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 1,021 मकानों को क्षति ग्रस्त हुए है। सीतापुर में सबसे अधिक सात मौतें दर्ज की गईं, जबकि लखीमपुर खीरी, बहराइच और बलरामपुर में पांच-पांच लोगों की मौत की सूचना है।

किसानों के लिए भी यह बारिश चिंता का कारण बनी है। खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है और आगामी कृषि गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ सकता है।
अब मौसम में राहत का इशारा
जिस मौसम प्रणाली के कारण भारी बारिश हुई, उसके कमजोर पड़ने के बाद प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना जताई गई है। हालांकि नदियों का जलस्तर और स्थानीय जलभराव अभी भी चिंता का विषय बना हुआ है।

प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी रखे हैं। लोगों से अपील है कि वे उफनती नदियों, नालों और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहें तथा स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें।





