Uttarakhand SIR : उत्तराखंड में SIR पूरा, आज जारी होगी अंतिम मतदाता सूची; जानें कितने वोटर, कितने नामों पर कार्रवाई और क्या है पूरी प्रक्रिया के बारे में
देहरादून: उत्तराखंड में आज Special Intensive Revision (SIR) की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। कई दस्दातावेज़, दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची आज, 3 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। इसके साथ ही यह तस्वीर साफ हो जाएगी कि SIR के बाद राज्य की मतदाता सूची में कुल कितने मतदाता शामिल हैं और कितने नामों में बदलाव हुआ है। उत्तराखंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने 24 सितंबर की प्रेस विज्ञप्ति में 3 अक्टूबर को अंतिम प्रकाशन की तारीख की पुष्टि की थी।
Uttarakhand SIR : 14 जुलाई को जारी हुई थी ड्राफ्ट मतदाता की सूची
उत्तराखंड में SIR के तहत तैयार की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची 14 जुलाई 2026 को प्रकाशित की गई थी। इस प्रारूप सूची में कुल 71,33,785 मतदाता दर्ज थे। ड्राफ्ट सूची अंतिम सूची नहीं थी, इसलिए इसके बाद मतदाताओं, राजनीतिक दलों और अन्य संबंधित पक्षों को दावे और आपत्तियां दाखिल करने का अवसर दिया गया।
SIR की प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम, पते और पात्रता से संबंधित रिकॉर्ड का सत्यापन किया गया। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अपडेट करना और पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करना था।Uttarakhand SIR
15 सितंबर को आनी थी फाइनल वोटर लिस्ट
SIR के मूल कार्यक्रम के अनुसार उत्तराखंड में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 15 सितंबर 2026 को होना था। हालांकि, दावे-आपत्तियों और संबंधित मामलों की सुनवाई तथा निस्तारण के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत को देखते हुए कार्यक्रम में बदलाव किया गया।Uttarakhand SIR
इसके बाद अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन की तारीख बढ़ाकर 3 अक्टूबर 2026 कर दी गई। दावे और आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया के लिए 28 सितंबर तक का समय दिया गया था.
करीब 24.30 लाख मामलों में जारी हुए नोटिस
SIR के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता मामले सामने आए जिनमें उपलब्ध रिकॉर्ड और मतदाता की जानकारी के बीच अंतर या विसंगति पाई गई। सितंबर में मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार करीब 24.30 लाख मामलों में नोटिस जारी किए गए थे।Uttarakhand SIR
इनमें से 99 प्रतिशत से अधिक मामलों में सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी दी गई थी। इसके अलावा Form-6, Form-7 और Form-8 से जुड़े दावे और आपत्तियां भी प्रक्रिया का हिस्सा रहे। Uttarakhand SIR
Form-6, Form-7 और Form-8 का क्या मतलब है?
- Form-6: मतदाता सूची में नया नाम शामिल कराने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
- Form-7: मतदाता सूची में दर्ज किसी नाम को हटाने के लिए आपत्ति/आवेदन के लिए इस्तेमाल होता है।
- Form-8: मौजूदा मतदाता के विवरण में सुधार या बदलाव के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
यानी SIR के दौरान किसी का नाम जोड़ने, हटाने या विवरण में संशोधन कराने के लिए अलग-अलग प्रक्रिया निर्धारित की गई थी।
1.73 लाख से ज्यादा Form-7 आवेदन, 95 हजार से अधिक मतदाता ‘इनएलिजिबल’
SIR के दौरान उत्तराखंड में Form-7 से जुड़े मामलों ने विशेष ध्यान खींचा। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार करीब 1.73 लाख Form-7 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 95 हजार से अधिक मतदाताओं को ‘इनएलिजिबल’ श्रेणी में चिह्नित किया गया।
निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक ‘इनएलिजिबल’ श्रेणी में उन मामलों को रखा गया जिनमें संबंधित मतदाता सत्यापन के दौरान मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा सके या स्वयं अथवा परिवार के किसी सदस्य के माध्यम से सुनवाई में उपस्थित नहीं हो सके। ऐसे मामलों में संबंधित ERO/AERO द्वारा ऑनलाइन सिस्टम में स्थिति दर्ज किए जाने के बाद Form-7 स्वतः जनरेट हुआ और नाम हटाने की प्रक्रिया के लिए चिह्नित किया गया।
यहां यह समझना जरूरी है कि 95 हजार का आंकड़ा अंतिम रूप से हटाए गए नामों के बराबर नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वास्तव में कितने नाम हटे, कितने नाम बरकरार रहे और कितने नए नाम जोड़े गए।
चार जिलों में सबसे ज्यादा Form-7 आवेदन
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार Form-7 के बड़ी संख्या में आवेदन राज्य के कुछ प्रमुख जिलों से आए। पहले उपलब्ध आंकड़ों में ऊधम सिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून और नैनीताल से Form-7 आवेदनों का बड़ा हिस्सा आया था। Uttarakhand SIR
इन आंकड़ों को अंतिम मतदाता सूची के आंकड़ों से अलग समझना जरूरी है। Form-7 आवेदन किसी नाम को हटाने की मांग या प्रक्रिया का हिस्सा है; अंतिम निर्णय संबंधित निर्वाचन प्रक्रिया और सुनवाई के बाद होता है।
SIR में BLO की भूमिका क्या रही?
विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान Booth Level Officers (BLOs) ने घर-घर जाकर मतदाताओं से संबंधित जानकारी जुटाने और गणना प्रपत्रों की प्रक्रिया में भूमिका निभाई।Uttarakhand SIR
उत्तराखंड में BLO द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित और संकलित करने की प्रक्रिया 8 जून 2026 से शुरू हुई थी। यदि किसी मतदाता से पहली बार संपर्क नहीं हो पाया, तो BLO द्वारा दोबारा संपर्क करने की व्यवस्था भी बताई गई थी। Uttarakhand SIR
मतदान केंद्रों में भी हुआ बदलाव
SIR के दौरान केवल मतदाता सूची की समीक्षा ही नहीं हुई, बल्कि मतदान केंद्रों के युक्तिकरण की प्रक्रिया भी की गई।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार SIR से पहले उत्तराखंड में 11,733 मतदान केंद्र थे। 1,200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदान केंद्रों के पुनर्निर्धारण के बाद इनकी संख्या बढ़कर 12,543 हो गई। यानी 810 नए मतदान केंद्र बनाए गए।
इस बदलाव के कारण कुछ मतदाताओं का मतदान केंद्र भी बदल सकता है। इसलिए अंतिम सूची जारी होने के बाद मतदाताओं के लिए अपने नाम के साथ-साथ पोलिंग स्टेशन की जानकारी जांचना भी महत्वपूर्ण होगा।
आज क्या होगा?
3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के साथ SIR की इस प्रक्रिया का अंतिम चरण पूरा होगा। इसके बाद राज्य में यह स्पष्ट हो जाएगा कि:
- अंतिम मतदाता सूची में कुल कितने मतदाता हैं।
- ड्राफ्ट सूची के मुकाबले कितने नाम कम या ज्यादा हुए।
- कितने नए मतदाता जोड़े गए।
- कितने नाम हटाए गए।
- कितने मतदाताओं के विवरण में संशोधन हुआ।
- मतदान केंद्रों में हुए बदलाव के बाद किस मतदाता का नया बूथ क्या है।
अंतिम आंकड़े सामने आने के बाद ही ड्राफ्ट सूची और अंतिम सूची के बीच वास्तविक अंतर का सटीक आकलन किया जा सकेगा।Uttarakhand SIR
अंतिम सूची में नाम नहीं है तो क्या करें?
निर्वाचन कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि 3 अक्टूबर को अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए Form-6 के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेज और प्रक्रिया का पालन करना होगा।
इसका मतलब है कि अगर कोई पात्र नागरिक SIR की अंतिम सूची में अपना नाम नहीं पाता है, तो उसके लिए नाम जुड़वाने की प्रक्रिया पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाती।Uttarakhand SIR
मतदाता अपना नाम और निर्वाचन संबंधी जानकारी भारत निर्वाचन आयोग के Voter Service Portal पर भी जांच सकते हैं। आयोग के पोर्टल पर SIR से संबंधित सेवाएं और मतदाता सूची में नाम खोजने की सुविधा उपलब्ध है।

राजनीतिक दलों के साथ भी साझा की गई जानकारी
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के मुताबिक SIR प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकों में साझा की जाती रही है। विधानसभा स्तर पर ERO, जिला स्तर पर जिला निर्वाचन अधिकारी और राज्य स्तर पर CEO कार्यालय द्वारा राजनीतिक दलों के साथ बैठकें की गईं। Uttarakhand SIR
SIR से संबंधित प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की भूमिका और दावे-आपत्तियों से जुड़े मामलों को भी निर्धारित चुनावी प्रक्रिया के तहत लिया गया।Uttarakhand SIR
अंतिम सूची आने के बाद सबसे जरूरी काम
अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद मतदाताओं को कुछ महत्वपूर्ण चीजें जरूर जांचनी चाहिए:
1. अपना नाम: मतदाता सूची में नाम मौजूद है या नहीं।
2. नाम और पता: नाम, पता और अन्य व्यक्तिगत विवरण सही हैं या नहीं।
3. विधानसभा क्षेत्र: आपका नाम सही विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में दर्ज है या नहीं।
4. मतदान केंद्र: आपका पोलिंग बूथ बदला है या नहीं।
5. परिवार के अन्य सदस्य: परिवार के सभी पात्र सदस्यों के नाम सूची में मौजूद हैं या नहीं।
6. नए मतदाता: 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पात्र नागरिकों को अपना नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया देखनी चाहिए।
क्यों महत्वपूर्ण है आज की अंतिम मतदाता सूची?
मतदाता सूची चुनाव प्रक्रिया का बुनियादी हिस्सा है। SIR के बाद प्रकाशित होने वाली अंतिम सूची से यह स्पष्ट होगा कि उत्तराखंड में सत्यापन और दावे-आपत्तियों के बाद मतदाता सूची का अंतिम स्वरूप क्या रहा।Uttarakhand SIR
फिलहाल 14 जुलाई की ड्राफ्ट सूची में 71,33,785 मतदाता दर्ज थे। लेकिन यह आंकड़ा अंतिम नहीं था। अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि SIR के बाद कुल मतदाताओं की संख्या कितनी रही और ड्राफ्ट सूची की तुलना में कितने नाम जुड़े या हटे। Uttarakhand SIR





