कर्नाटक में भ्रष्टाचार के आरोप, भाजपा ने कांग्रेस सरकार को बताया “80% कमीशन सरकार”
कर्नाटक की राजनीति में एक बार फिर भ्रष्टाचार का मुद्दा सुर्खियों में आ गया है। राज्य के ठेकेदार संघ (कर्नाटक स्टेट कॉन्ट्रैक्टर्स एसोसिएशन) ने कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकारी विभागों में काम करवाने के लिए अब 80% तक कमीशन मांगा जा रहा है। इस आरोप के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से इस्तीफे की मांग कर दी।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर. अशोक ने कहा कि कर्नाटक की जनता अब इस भ्रष्ट सरकार को बर्दाश्त नहीं कर सकती। उन्होंने कांग्रेस सरकार को “80 फीसदी कमीशन सरकार” करार दिया और सवाल उठाया कि आखिर इन गंभीर आरोपों पर मुख्यमंत्री और उनके मंत्री चुप क्यों हैं।
ठेकेदार संघ का पत्र
पिछले हफ्ते कर्नाटक ठेकेदार संघ ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को एक पत्र लिखकर भ्रष्टाचार की शिकायत दर्ज कराई थी। पत्र में आरोप लगाया गया कि विभिन्न विभागों में बिल पास करवाने के लिए जो कमीशन मांगा जाता है, वह पिछली भाजपा सरकार की तुलना में दोगुना हो गया है। ठेकेदार संघ ने यह भी कहा कि पिछले लगभग दो वर्षों से उनके भुगतान बकाया पड़े हुए हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक संकट झेलना पड़ रहा है।
संघ ने साफ कहा कि कांग्रेस सरकार के आने के बाद से ठेकेदारों की परेशानी और बढ़ गई है। भुगतान समय पर नहीं हो रहा और ऊपर से कमीशन की दरें भी बढ़ा दी गई हैं। इससे छोटे और मध्यम स्तर के ठेकेदार खासे परेशान हैं।
भाजपा का हमला
भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लेते हुए कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। आर. अशोक ने कहा कि “कांग्रेस सरकार का असली चेहरा जनता के सामने आ गया है। जब खुद ठेकेदार संघ खुले मंच पर आरोप लगा रहा है तो मुख्यमंत्री का चुप रहना भ्रष्टाचार को स्वीकार करना है।” भाजपा ने राज्यव्यापी आंदोलन की भी चेतावनी दी है।
कांग्रेस सरकार पर दबाव
इन आरोपों ने कांग्रेस सरकार को असहज स्थिति में डाल दिया है। हालांकि कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं दिया गया है, लेकिन भाजपा लगातार इस मुद्दे को जनता के बीच उठा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले चुनावों में बड़ा मुद्दा बन सकता है।

जनता की नाराजगी
कर्नाटक की जनता भी अब सवाल पूछ रही है कि जब विकास के नाम पर अरबों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तो फिर ठेकेदारों को भुगतान क्यों नहीं किया जा रहा? और अगर भ्रष्टाचार इतना गहरा है, तो सरकार इस पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रही?
कुल मिलाकर, ठेकेदार संघ के इस पत्र ने कर्नाटक की राजनीति में नई हलचल मचा दी है। भाजपा इसे कांग्रेस सरकार की सबसे बड़ी नाकामी बता रही है, जबकि कांग्रेस के लिए यह आरोप उसकी छवि पर बड़ा धक्का साबित हो सकते हैं।






