भविष्य के हाथों में संस्कृति की बागडोर: मल्लिकार्जुन स्कूल की अनूठी पहल
उत्तराखंड के 25वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में मल्लिकार्जुन स्कूल द्वारा एक भव्य सांस्कृतिक समारोह का सफल आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और एकता के स्वरूप को विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अत्यंत प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया। विद्यालय द्वारा पूर्व से ही स्थानीय संस्कृति और परंपराओं को प्रोत्साहित करने हेतु विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं, किंतु यह दिवस विशेष महत्व का रहा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में अपने प्रदेश के प्रति गर्व की भावना जागृत करना, उन्हें उत्तराखंड को समृद्ध, सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प से जोड़ना तथा सांस्कृतिक पहचान को सहेजने की प्रेरणा देना था।

विद्यालय की प्रबंधिका, श्रीमती रचना जोशी ने कार्यक्रम के अवसर पर कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति एवं विरासत हमारी अमूल्य धरोहर है, जिसे सुरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रदेश के विकास में शैक्षिक संस्थानों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि आज के बच्चे ही कल के निर्माणकर्ता हैं। अतः उनमें अपने प्रदेश के लिए समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और संवेदनशीलता का संचार करना अनिवार्य है।
विद्यालय के निदेशक, श्री रुद्राक्ष जोशी ने बताया कि मल्लिकार्जुन स्कूल की नींव शिक्षा, समर्पण और कर्तव्यबोध पर आधारित है। विद्यालय सदैव विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को पहचानने एवं उन्हें प्रोत्साहन देने के लिए अग्रसर रहा है।

कार्यक्रम की संपूर्ण रूपरेखा विद्यालय की प्रधानाचार्या, श्रीमती दीप्ति भट्ट द्वारा तैयार की गई। समारोह में उत्तराखंड की पारंपरिक लोक-संस्कृति को नवीन और आकर्षक शैली में प्रस्तुत किया गया। प्रस्तुतियों में लोक-नृत्य, लोक-गीत, रंगोली, पेंटिंग तथा लोक-कला प्रदर्शन विशेष आकर्षण का केंद्र रहे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की सीईओ श्रीमती अनीता कुंवर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मल्लिकार्जुन स्कूल सदैव से विद्यार्थियों में संस्कृति, सभ्यता और एकता की भावना को प्राथमिकता देता आया है। विद्यालय भविष्य में भी प्रदेश की शिक्षा और सांस्कृतिक समृद्धि में अपना महत्त्वपूर्ण योगदान निरंतर देता रहेगा।


विगत दो दशकों से मल्लिकार्जुन ग्रुप ऑफ़ स्कूल्स शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य कर रहा है तथा प्रदेश के शैक्षिक और सांस्कृतिक विकास में अपनी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।






