UTTRAKHAND UKSSSC – पेपर लीक के साए से बाहर आएगी परीक्षा? अप्रैल में हो सकती है यूकेएसएसएससी स्नातक परीक्षा
देहरादून – उत्तराखंड के हजारों युवाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। लंबे समय से टलती आ रही उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा अब अप्रैल महीने में आयोजित हो सकती है। आयोग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है और जल्द ही परीक्षा की नई तिथि को लेकर आधिकारिक घोषणा किए जाने की संभावना है।
दरअसल, यह वही परीक्षा है जो पिछले साल 21 सितंबर को आयोजित की गई थी, जिसमें प्रदेश भर से लगभग एक लाख पांच हजार अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया था। लेकिन परीक्षा के कुछ ही समय बाद हरिद्वार के एक केंद्र से पेपर लीक होने का सनसनीखेज मामला सामने आया। इस खुलासे के बाद अभ्यर्थियों में भारी रोष फैल गया और कई दिनों तक आंदोलन चला। युवाओं ने निष्पक्ष जांच और दोबारा परीक्षा कराने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया था।

छात्रों के दबाव और मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की। इसके साथ ही एकल सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट के आधार पर यूकेएसएसएससी ने 11 अक्तूबर को यह परीक्षा रद्द करने का बड़ा फैसला लिया। उस समय आयोग ने भरोसा दिलाया था कि तीन महीने के भीतर दोबारा परीक्षा आयोजित कराई जाएगी, ताकि अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित न हो।
हालांकि, सीबीआई जांच शुरू होने के बाद यह समय सीमा पूरी नहीं हो सकी। जांच की प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों और कानूनी औपचारिकताओं के चलते परीक्षा लगातार टलती रही। बीते कई महीनों से अभ्यर्थी नई तारीख का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। सोशल मीडिया से लेकर आयोग के दफ्तर तक, हर जगह यही सवाल गूंजता रहा कि परीक्षा आखिर कब होगी।

अब एक बार फिर उम्मीद की किरण नजर आ रही है। आयोग ने अप्रैल महीने में परीक्षा कराने की दिशा में तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत पूरे प्रदेश में संभावित परीक्षा केंद्रों का चयन और चिन्हिकरण किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष सतर्कता बरतने की योजना बनाई जा रही है, ताकि इस बार किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो और परीक्षा पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संपन्न हो सके।
यूकेएसएसएससी के सचिव डॉ. शिव कुमार बरनवाल ने बताया कि आयोग जल्द ही इस विषय में बैठक करेगा और नई तिथि तय की जाएगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि परीक्षा के दौरान सभी जरूरी सुरक्षात्मक कदम उठाए जाएंगे और किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर, पेपर लीक मामले में सीबीआई की जांच अभी भी जारी है। जांच एजेंसी आरोपियों की भूमिका, नेटवर्क और परीक्षा प्रणाली में हुई चूक की पड़ताल कर रही है। अभ्यर्थियों की निगाहें अब दो बातों पर टिकी हैं — एक तो दोषियों को सख्त सजा मिले और दूसरी, उनकी परीक्षा निष्पक्ष तरीके से जल्द आयोजित हो।
कुल मिलाकर, महीनों से अनिश्चितता झेल रहे युवाओं के लिए यह खबर उम्मीद लेकर आई है। अगर सब कुछ तय कार्यक्रम के अनुसार रहा, तो अप्रैल में यूकेएसएसएससी की यह बहुप्रतीक्षित परीक्षा आखिरकार हो सकेगी और हजारों अभ्यर्थियों को अपने भविष्य की राह फिर से आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा।






