नीती घाटी में माइनस 10 डिग्री तक गिरा तापमान, असली ठंड का मज़ा लेना है तो चले आइये
जोशीमठ (चमोली) – उत्तराखंड में जोशीमठ के पास चीन बॉर्डर पर स्थित नीती घाटी इस समय सर्दियों की असली तस्वीर पेश कर रही है। ऊंचे पहाड़ों से घिरी इस घाटी में ठंड अपनी चरम सीमा पर है और रात का तापमान माइनस दस डिग्री तक गिर चुका है। इतनी तेज ठंड का असर यह है कि यहां बहने वाले गदेरे, छोटे झरने और पानी की धाराएं पूरी तरह जम गई हैं। जम चुके पानी ने कई जगह अद्भुत आकृतियां बना दी हैं, जिन्हें देखने के लिए पर्यटक दूर दूर से यहां पहुंच रहे हैं।
घाटी में इन दिनों बारिश नहीं हो रही, इसलिए बर्फीली हवाओं की मार और ज्यादा महसूस हो रही है। लगातार पड़ रहे पाले ने जमीन को चांदी की चादर से ढक दिया है। जहां भी नजर घुमाइए, बर्फ, धुंध और ऊंचे पहाड़ों का खूबसूरत संगम दिखाई देता है। प्रकृति मानो अपनी सबसे सुंदर पेंटिंग यहां बनाती नजर आती है।
नीती घाटी के लोग हर साल की तरह इस बार भी सर्दियां शुरू होते ही निचले इलाकों की ओर चले गए हैं। लेकिन अब घाटी की खूबसूरती को दुनिया तक पहुंचाने के लिए कुछ युवा होमस्टे भी चला रहे हैं। इन होमस्टे में साफ और गर्म कमरे, गरम भोजन और स्थानीय संस्कृति का स्वाद पर्यटकों को मिलता है।
दिल्ली से अपने दोस्तों के साथ घूमने पहुंचे वैभव ने कहा कि नीती घाटी का ठंडा वातावरण और बर्फ से ढके झरने देखने लायक हैं। यहां की शांति और प्राकृतिक सुंदरता उन्हें बेहद पसंद आई। उन्होंने कहा कि इस तरह की ठंड का अनुभव उन्होंने पहले कभी नहीं किया था और यहां की खूबसूरती ने उनके मन को खुशी से भर दिया।

नीती घाटी कैसे पहुचें ?
अब बात करते हैं कि दिल्ली या देश के किसी भी हिस्से से नीती घाटी कैसे पहुंचा जा सकता है, और यहां क्या क्या देखा जा सकता है।
नीती घाटी भारत चीन सीमा के पास स्थित है और यह चमोली जिले का हिस्सा है। दिल्ली से यहां का रास्ता लंबा जरूर है, लेकिन बेहद खूबसूरत है। दिल्ली से यात्रा का सबसे आसान तरीका सड़क मार्ग है।
पहला विकल्प है दिल्ली से ऋषिकेश या देहरादून तक बस या ट्रेन से जाना। ऋषिकेश और देहरादून से नीती घाटी की ओर साझा टैक्सी और बसें मिल जाती हैं। नीती घाटी का सबसे नजदीकी बड़ा कस्बा जोशीमठ है। ज्यादातर पर्यटक जोशीमठ तक आते हैं और फिर वहां से नीती घाटी के लिए जीप या स्थानीय वाहन लेते हैं।
नजदीकी रेलवे स्टेशन देहरादून है, जो नीती घाटी से लगभग तीन सौ किलोमीटर दूर है। निकटतम हवाई अड्डा जॉलीग्रांट एयरपोर्ट है, जो देहरादून में स्थित है। एयरपोर्ट से जोशीमठ तक कैब मिल जाती है और जोशीमठ से आगे स्थानीय टैक्सी सेवा उपलब्ध रहती है।

नीती घाटी में क्या देखें?
घाटी में घूमने लायक जगहों की भी कोई कमी नहीं है। नीती गांव अपने आप में बेहद खूबसूरत है। यहां पारंपरिक घर, शांत माहौल और ऊंचे पहाड़ों की पृष्ठभूमि मन मोह लेते हैं। इसके अलावा घाटी में धिरांस, द्रोणागिरी, मलारी गांव और लाटा गांव भी देखने लायक हैं।
सर्दियों में यहां की मुख्य खूबसूरती जमे हुए झरने, बर्फ से ढकी घाटियां और नदियों का अनोखा रूप होता है।
नीती घाटी का क्षेत्र भारत चीन सीमा के बेहद करीब है, इसलिए पर्यटकों को समय पर परमिट लेना पड़ सकता है। जोशीमठ या चमोली जिले की प्रशासनिक इकाइयों में यह प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
होटल नहीं केवल होम स्टे मिलेगा –
ठहरने की बात करें तो नीती घाटी में होमस्टे एकमात्र विकल्प हैं, क्योंकि यहां होटल नहीं हैं। लेकिन यही होमस्टे आपको स्थानीय संस्कृति को समझने का सबसे अच्छा मौका देते हैं। यहां स्थानीय भोजन, गरम गोभी और आलू की सब्जी, झंगोरा की खीर और पहाड़ी चाय जरूर चखें।
नीती घाटी की सर्दी भले ही कांपने पर मजबूर कर दे, लेकिन यहां की शांति दिल को गर्माहट देती है। जमे हुए झरने, सफेद बर्फ, और आसमान की गहरी नीली छत के नीचे प्रकृति जैसे एक नई दुनिया रच देती है।
यही कारण है कि हर साल हजारों साहसिक यात्री और प्रकृति प्रेमी इस घाटी की ओर खिंचे चले आते हैं।
यदि आप भी इस सर्दी में कुछ अनोखा देखना चाहते हैं, तो नीती घाटी आपको निराश नहीं करेगी।






