लैंड जिहाद पर सीएम धामी ने कांग्रेस को घेरा, बोले- धार्मिक पहचान की आड़ में ज़मीनों पर कब्जे करवा रही है कांग्रेस
देहरादून- बुधवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी नैनीताल दौरे पर थे और यहां उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उनके तेवर साफ थे कि राज्य में चल रही विवादित गतिविधियों पर सरकार अब पीछे नहीं हटने वाली।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि कांग्रेस लैंड जिहाद जैसे गंभीर मुद्दे को सिर्फ राजनीतिक चश्मे से देख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की वोट बैंक वाली राजनीति की वजह से प्रदेश में बदलती जनसांख्यिकी को नजरअंदाज किया गया। मुख्यमंत्री के अनुसार, पिछले समय में ऐसे इलाकों में विशेष समुदाय के लोगों को बसाया गया, जहां पहले वे रहते ही नहीं थे। उनका कहना था कि धार्मिक पहचान की आड़ लेकर जमीनों पर कब्जा किए गए और अब यह सब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश में जहां जहां अवैध कब्जे पाए जाएंगे, वहां कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने इसे “देवभूमि की सफाई” का अभियान बताया और कहा कि यह अभियान रुकने वाला नहीं है।
यूनिफॉर्म सिविल कोड पर भी सीएम धामी ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यूसीसी का विरोध केवल इसलिए कर रही है, क्योंकि उसे डर है कि इससे उसका वोट बैंक नाराज़ होगा। मुख्यमंत्री का आरोप था कि कांग्रेस वास्तव में जनता की समस्याओं पर बात करने से बच रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब सरकार सनातन धर्म का अपमान करने वालों पर कार्रवाई करती है तो कांग्रेस को तकलीफ क्यों होने लगती है। धामी ने कहा कि कुछ लोग दंगों और हिंसा फैलाने वालों के साथ खड़े दिखाई देते हैं, जबकि उनकी सरकार किसी भी हाल में किसी भी प्रकार की अराजकता को बढ़ावा नहीं देगी।
इसके बाद उन्होंने कैंची धाम के विकास पर भी बात की। उन्होंने कहा कि विपक्ष को जहां ऐतिहासिक विवादों पर राजनीति करने में रुचि है, वहीं उन्हें अध्यात्म और संस्कृति से जुड़े स्थानों के विकास से परेशानी होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड एक पवित्र भूमि है और यहां किसी भी तरह की “मुगलपरस्त मानसिकता” को बढ़ने नहीं दिया जाएगा।
धामी ने कहा कि उनकी सरकार संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए पूरी तरह समर्पित है। उन्होंने याद दिलाया कि बनभूलपुरा दंगे के दौरान सरकार ने सख्त कार्रवाई की थी और इसके बाद राज्य में किसी ने सरकारी जमीन पर कब्जा करने की हिम्मत नहीं की।
मुख्यमंत्री के शब्दों में साफ संदेश था कि उत्तराखंड में अवैध कब्जा, लैंड जिहाद और समाज को बांटने वाली मानसिकता पर पूरी तरह रोक लगेगी और कानून का पालन न करने वाले लोगों पर आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।






