ऋषिकेश के पास ब्यासी में थार खाई में गिरी, आधी रात में बचाव दल ने 5 लोगों को निकाला
टिहरी गढ़वाल- ऋषिकेश के पास टिहरी गढ़वाल जिले के ब्यासी क्षेत्र में सोमवार देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। गुल्लर के पास एक थार वाहन अचानक बेकाबू हो गया और सड़क से करीब सत्तर मीटर नीचे गहरी खाई में जा गिरा। खाई में गिरते ही वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार सभी 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अंधेरी रात और पहाड़ी रास्ते होने के कारण स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन समय रहते राहत दल के पहुंचने से बड़ा हादसा टल गया।
पुलिस चौकी ब्यासी के अनुसार सोमवार रात लगभग एक बजकर बाइस मिनट पर हादसे की सूचना मिली। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की ब्यासी पोस्ट से टीम को तुरंत रवाना किया गया। सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम जरूरी रस्सियों और बचाव उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंची।
मौके पर पहुंचकर राहत दल ने देखा कि थार वाहन गहरी खाई में फंसा हुआ है। वाहन में कुल पांच लोग सवार थे, जो सभी घायल अवस्था में थे। खाई गहरी और रास्ता कठिन होने के बावजूद एसडीआरएफ की टीम ने सावधानी और सूझबूझ के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद एक एक कर सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
घायलों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया और इसके बाद एंबुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। राहत की बात यह रही कि सभी पांचों लोगों को जीवित बाहर निकाल लिया गया। अस्पताल में सभी का इलाज चल रहा है और डॉक्टरों के अनुसार सभी की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
हादसे में घायल लोगों में सोहिल उम्र बत्तीस वर्ष निवासी दिल्ली, रोहित गुप्ता उम्र अट्ठाइस वर्ष निवासी साहिबाबाद, आशीषपाल उम्र अट्ठाइस वर्ष निवासी गाजियाबाद, विकास कुमार उम्र छब्बीस वर्ष निवासी साहिबाबाद और भास्कर कुमार उम्र सत्ताईस वर्ष निवासी साहिबाबाद शामिल हैं। सभी युवक दिल्ली एनसीआर क्षेत्र के रहने वाले हैं और बताया जा रहा है कि वे पहाड़ की ओर यात्रा पर निकले थे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर रात के समय तेज रफ्तार और घुमावदार सड़कें अक्सर हादसों की वजह बनती हैं। अंधेरा और पहाड़ी मोड़ कई बार वाहन चालकों के लिए खतरा पैदा कर देते हैं। पुलिस ने भी वाहन दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि हादसा तेज रफ्तार, चालक की लापरवाही या सड़क की स्थिति के कारण हुआ।
इस पूरे हादसे में एसडीआरएफ की तत्परता और साहस की हर ओर सराहना हो रही है। अगर समय पर राहत दल नहीं पहुंचता तो यह हादसा जानलेवा भी हो सकता था। पहाड़ों में यात्रा करने वालों के लिए यह घटना एक बार फिर सावधानी बरतने और रात के समय वाहन चलाते वक्त अतिरिक्त सतर्कता रखने की सीख देती है।






