Uttarakhand weather – तराई भाबर इलाके में सर्दी के तेवर ‘गरम’, काठगोदाम से लालकुआं तक कोहरे की चादर
नैनीताल। तराई भाबर इलाके में सर्दी ने अचानक तेवर दिखा दिए हैं। पिछले तीन दिनों में मौसम ऐसा बदला कि अधिकतम तापमान करीब दस डिग्री गिरकर पंद्रह डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है। घने कोहरे की चादर ने हल्द्वानी, काठगोदाम, लालकुआं और आसपास के पूरे मैदानी इलाके को ढक लिया है। ठंडी हवा और धूप की कमी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और सुबह शाम की ठिठुरन अब साफ महसूस होने लगी है।
15 डिग्री के आसपास तापमान
बुधवार को हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्रों में दिन का तापमान केवल 15.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार यह बीते पंद्रह वर्षों में 17 दिसंबर को दर्ज किया गया सबसे कम अधिकतम तापमान है। इससे पहले साल 2019 में इस तारीख को अधिकतम तापमान 15.5 डिग्री रहा था। यानी इस बार ठंड ने पुराने रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।
सुबह से ही घना कोहरा छाया रहा, जिससे सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया। दृश्यता काफी कम होने के कारण वाहन चालकों को बेहद सतर्क होकर गाड़ी चलानी पड़ी। कई जगहों पर रफ्तार धीमी रही और लोग देर से अपने काम पर पहुंच पाए। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी। दोपहर के समय हल्की धूप जरूर निकली, लेकिन उसमें गर्माहट नहीं थी। शाम होते ही फिर से कोहरा फैल गया और ठंड और बढ़ गई।
मौसम जानकारों के मुताबिक तराई भाबर इलाके में बीस दिसंबर तक कोहरे का असर बना रह सकता है। कोहरे के साथ ठंडी हवा चलने से रात के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। इसका सीधा असर रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है। लोग सुबह और रात के समय घरों से निकलने से बच रहे हैं और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं।

पहाड़ों पर होगी बारिश
पर्वतीय क्षेत्रों के लिए भी मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के अनुसार बीस और इक्कीस दिसंबर को कुमाऊं के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो मैदानी इलाकों में ठंड और ज्यादा बढ़ेगी। पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाएं तराई भाबर क्षेत्र को और ठिठुरा सकती हैं।
पिछले पंद्रह वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि इस समय आमतौर पर दिन का तापमान सोलह से बाईस डिग्री के बीच रहता था। कई सालों में तो यह पच्चीस डिग्री तक भी पहुंचा है। लेकिन इस बार अचानक आई ठंड ने लोगों को चौंका दिया है। खासकर किसान और छोटे व्यापारी मौसम को लेकर चिंतित हैं। कोहरे और ठंड का असर सब्जियों, फसलों और बाजार की रौनक पर भी दिखने लगा है।
सर्दी से बढ़ी बीमारियां
डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में बुजुर्गों, बच्चों और सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। ठंड और कोहरे के कारण सर्दी जुकाम, खांसी और सांस की दिक्कत बढ़ सकती है। सुबह के समय खुले में टहलने से बचने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी जा रही है।
कुल मिलाकर तराई भाबर में सर्दी ने अब पूरी तरह दस्तक दे दी है। आने वाले कुछ दिन और ठंडे हो सकते हैं। मौसम का यह बदला मिजाज लोगों को आगाह कर रहा है कि अब असली सर्दियों की तैयारी कर लेने का समय आ गया है।






