Dehradun – Nainital – देहरादून- नैनीताल के 19 हजार घरों के लिए 964 करोड़ की स्कीम
देहरादून। उत्तराखंड के शहरों में रहने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। देहरादून और नैनीताल में सीवरेज और पेयजल की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़ा काम पूरा किया गया है। करीब 964 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई इस परियोजना के तहत 287 किलोमीटर लंबा नया सीवरेज नेटवर्क बिछाया गया है और लगभग 19 हजार घरों को सीवरेज कनेक्शन मिल चुका है। इस पूरे काम को उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास एजेंसी एशियन विकास बैंक के सहयोग से आगे बढ़ा रही है। इस परियोजना का मकसद शहरों में साफ पानी की उपलब्धता बढ़ाना, गंदे पानी की सही निकासी करना और नदियों तथा जल स्रोतों को प्रदूषण से बचाना है। अधिकारियों का कहना है कि इससे आम लोगों की रोजमर्रा की परेशानियां कम होंगी और शहरों का वातावरण भी साफ रहेगा। देहरादून के बंजारावाला और मोथरोवाला इलाकों में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 134 किलोमीटर से ज्यादा लंबी नई पानी की लाइन बिछाई जा चुकी है। इसके साथ ही तय लक्ष्य के मुकाबले 8 हजार से ज्यादा पानी के मीटर लगाए जा चुके हैं। इन मीटरों से पानी की खपत पर नजर रखी जा सकेगी और पानी की बर्बादी भी कम होगी। सीवरेज नेटवर्क की बात करें तो देहरादून की यमुना कॉलोनी और टीएचडीसी देहराखास क्षेत्रों में 31 किलोमीटर से ज्यादा लंबा सीवर नेटवर्क तैयार हो गया है और 3500 से अधिक घरों को सीवरेज से जोड़ा जा चुका है। इसके अलावा बंजारावाला, मोथरोवाला, रिंग रोड, नत्थनपुर, मोहकमपुर, मियांवाला और हर्रावाला जैसे इलाकों में 232 किलोमीटर से अधिक सीवरेज लाइन बिछ चुकी है। यहां 15 हजार से ज्यादा घरों को सीवर कनेक्शन मिल चुका है। नवादा क्षेत्र में भी काम शुरू हो चुका है और वहां 23 किलोमीटर सीवरेज लाइन के साथ 1500 से अधिक घरों को जोड़ दिया गया है। गंदे पानी के सही निपटारे के लिए नए सीवेज शोधन संयंत्र भी बनाए जा रहे हैं। देहरादून के दौड़वाला में 11 एमएलडी और नकरौंदा में 18 एमएलडी क्षमता के शोधन संयंत्रों का काम चल रहा है। दौड़वाला में पहली बार दो मंजिला सीवेज शोधन संयंत्र बनाया जा रहा है, जो अपने आप में नई पहल है। नैनीताल में भी 17.5 एमएलडी क्षमता का शोधन संयंत्र तैयार किया जा रहा है, जिससे झीलों और आसपास के जल स्रोतों को साफ रखने में मदद मिलेगी। परियोजना से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि नवादा बद्रीपुर क्षेत्र में दो स्वचालित पंपिंग इकाइयां लगाई जाएंगी, जिससे निचले इलाकों तक सीवर की सुविधा पहुंच सकेगी। वहीं बंजारावाला में एक बड़े पानी के टैंक के नीचे जगह का सही इस्तेमाल करते हुए दो मंजिला कार्यालय बनाया जा रहा है, जहां से पूरी पेयजल परियोजना पर नजर रखी जाएगी। शहरों में सीवरेज और पेयजल की बेहतर व्यवस्था से लोगों को साफ पानी, स्वच्छ माहौल और बेहतर जीवन की उम्मीद है। सरकार का कहना है कि इस तरह की योजनाओं से न केवल आज की जरूरतें पूरी होंगी, बल्कि आने वाले वर्षों में बढ़ती आबादी को भी जरूरी सुविधाएं मिल सकेंगी।







Planet Pahad
22nd Dec 2025GOOD JOB