Donald Trump – मैं जो चाहूँ, वही करूँ” — चीन ने AI वीडियो के ज़रिये उड़ाया डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी नीतियों का मज़ाक
अंतरराष्ट्रीय राजनीति के मंच पर एक बार फिर अमेरिका और चीन आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं। इस बार टकराव हथियारों से नहीं, बल्कि व्यंग्य और तकनीक के ज़रिये हुआ है। चीन की सरकारी मीडिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आक्रामक विदेश नीति पर कटाक्ष करते हुए एक एआई (AI) आधारित वीडियो साझा किया है, जिसने वैश्विक स्तर पर चर्चा को हवा दे दी है।
दरअसल, हाल ही में अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई कर वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किए जाने के बाद चीन ने खुलकर अमेरिका की आलोचना की थी। इस कार्रवाई के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने न सिर्फ वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर नियंत्रण स्थापित किया, बल्कि दुनिया के कई देशों को खुले तौर पर चेतावनी भरे संदेश भी दिए। इतना ही नहीं, ट्रंप की नजरें अब ग्रीनलैंड पर भी बताई जा रही हैं और ईरान में चल रहे प्रदर्शनों को लेकर अमेरिका पहले ही सख्त रुख अपनाते हुए ईरानी सरकार को धमकी दे चुका है।
अमेरिका के इसी “दबंग रवैये” को लेकर चीन की सरकारी मीडिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक एआई वीडियो पोस्ट किया। इस वीडियो में एक काल्पनिक किरदार को अमेरिका के झंडे वाली टोपी पहने दिखाया गया है, जिसे ट्रंप की नीतियों का प्रतीक माना जा रहा है। वीडियो में यह किरदार बेहद घमंडी अंदाज में कहता नजर आता है— “तुम्हारा तेल, तुम्हारी ज़मीन, सब मेरा शिकार है।”

वीडियो के कैप्शन में और भी तीखे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। इसमें कहा गया है, “मादुरो को हटाना तो बस एक छोटा खेल था। अंतरराष्ट्रीय कानून मेरे लिए कोई मायने नहीं रखते। मुझे न किसी की इजाज़त चाहिए और न ही किसी बात का पछतावा है।” वीडियो में यह किरदार आगे दावा करता है कि उसके पास दुनिया की सबसे बड़ी सेना है और इसलिए वह जो चाहे, जब चाहे कर सकता है।
वीडियो का सबसे चौंकाने वाला संवाद तब आता है जब किरदार कहता है— “मैं जो चाहूँ, वही करूँ। मुझे जो चाहिए, वो मैं ले सकता हूँ।” चीन की सरकारी मीडिया ने इस वीडियो के ज़रिये साफ संकेत दिया है कि वह अमेरिका की एकतरफा और दखलअंदाजी वाली नीतियों को वैश्विक शांति के लिए खतरा मानता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह वीडियो केवल एक मज़ाक नहीं, बल्कि चीन की रणनीतिक सोच और कूटनीतिक संदेश का हिस्सा है। एआई जैसी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर चीन ने अमेरिका को यह जताने की कोशिश की है कि अब वैश्विक राजनीति केवल ताकत से नहीं, बल्कि नैरेटिव और जनमत से भी लड़ी जाएगी।






