APAAR ID – उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश के लिए अपार आईडी हुई अनिवार्य, बिना इसके नहीं मिलेगा दाखिला
देहरादून। राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना सामने आई है। अब उच्च शिक्षा संस्थानों में एडमिशन के लिए अपार आईडी (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) अनिवार्य कर दी गई है। बिना अपार आईडी के न तो समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण हो पाएगा और न ही प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। उच्च शिक्षा विभाग ने इसे शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और गुणवत्तापरक बनाने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
उच्च शिक्षा सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को सचिवालय में समर्थ मॉड्यूल के क्रियान्वयन और परीक्षा सुधारों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपार आईडी के माध्यम से छात्रों का शैक्षणिक डाटा एकीकृत रूप में उपलब्ध रहेगा, जिससे न केवल प्रवेश प्रक्रिया सरल होगी बल्कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
डॉ. सिन्हा ने कहा कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को 31 मार्च से पहले अपना समस्त लीगेसी डाटा समर्थ पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करना होगा। इसमें छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों से संबंधित सभी पुराने रिकॉर्ड शामिल होंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि समर्थ पोर्टल के लीव मॉड्यूल, बजट अकाउंट मॉड्यूल और पेरोल मॉड्यूल सभी विश्वविद्यालयों के लिए अनिवार्य होंगे।
बैठक में यह भी तय किया गया कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में कार्यरत सभी कार्मिकों की प्रोफाइल समर्थ पोर्टल पर अपडेट की जाएगी। शासन के निर्देशों के अनुसार यदि किसी संस्थान में आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली लागू नहीं की जाती है, तो संबंधित कर्मचारियों का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही अब केवल वही अवकाश मान्य होगा, जो समर्थ पोर्टल के माध्यम से लिया गया हो।

उच्च शिक्षा सचिव ने परीक्षा प्रणाली में सुधार पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र निर्माण से लेकर परीक्षा संचालन तक की पूरी व्यवस्था को ऑटोमेटेड किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक विश्वविद्यालय में एक सशक्त प्रश्नपत्र बैंक तैयार किया जाएगा, जिससे परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी। विश्वविद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे परीक्षा सुधारों को लेकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
डॉ. सिन्हा ने यह भी कहा कि समर्थ पोर्टल केवल एक तकनीकी व्यवस्था नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने का माध्यम है। इससे बजट प्रबंधन, मानव संसाधन और शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी बेहतर ढंग से की जा सकेगी।
बैठक में संयुक्त सचिव विक्रम सिंह यादव, उप सचिव हरीश सागर और अजीत सिंह, अनु सचिव दीपक कुमार, निदेशक उच्च शिक्षा डॉ. वी.एन. खाली सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा समर्थ दिल्ली टीम से अनिल बाफिला, सोमेश घिल्डियाल, जयराज, तथा शिक्षाविद प्रो. दीपक कुमार पांडेय और डॉ. शैलेंद्र सिंह ने भी बैठक में भाग लिया।
उच्च शिक्षा विभाग के इस निर्णय के बाद अब छात्रों को सलाह दी जा रही है कि वे समय रहते अपनी अपार आईडी बनवा लें, ताकि प्रवेश के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके। माना जा रहा है कि यह पहल आने वाले समय में राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और अधिक प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।






