बाजार से क्यों खरीदें, जब घर की बालकनी में ही उगा सकते हैं ड्रैगन फ्रूट? बस कुछ दिनों में भर जाएगा गमला
आज के समय में ड्रैगन फ्रूट अपनी आकर्षक बनावट, बेहतरीन स्वाद और स्वास्थ्य के लिए मिलने वाले अनेक फायदों की वजह से लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है। बाजार में इसकी कीमत भी सामान्य फलों की तुलना में अधिक होती है। लेकिन अच्छी बात यह है कि अब इस विदेशी फल को खरीदने की जरूरत नहीं है। यदि आपके घर में छत, बालकनी या थोड़ा-सा खुला स्थान है, तो आप इसे आसानी से गमले में उगा सकते हैं।
अक्सर लोगों को लगता है कि ड्रैगन फ्रूट की खेती केवल बड़े खेतों में ही संभव है, जबकि सही जानकारी और थोड़ी देखभाल के साथ यह पौधा घर पर भी अच्छी तरह बढ़ता है। यदि इसे सही तरीके से लगाया जाए, तो कुछ ही वर्षों में यह स्वादिष्ट फलों से लद जाता है। ड्रैगन फ्रूट का पौधा मुख्य रूप से दो तरीकों से तैयार किया जाता है। पहला तरीका बीज से पौधा उगाने का है और दूसरा तरीका कटिंग के माध्यम से पौधा तैयार करने का।

यदि आप बीज से पौधा लगाते हैं, तो उसके फल देने में लगभग 3 से 5 वर्ष तक का समय लग सकता है। वहीं, यदि किसी स्वस्थ और विकसित पौधे की कटिंग लगाई जाए, तो यह तरीका काफी आसान और तेज माना जाता है। कटिंग से तैयार पौधा सही देखभाल मिलने पर लगभग 1 से 2 साल के भीतर फल देना शुरू कर देता है।
ड्रैगन फ्रूट एक बेलनुमा कैक्टस प्रजाति का पौधा है, इसलिए इसके लिए मजबूत और बड़े आकार का गमला चुनना जरूरी होता है। गमले में पानी निकासी के लिए नीचे पर्याप्त छेद होने चाहिए, ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल जाए। इससे जड़ों को सड़ने का खतरा नहीं रहता।

यह मिश्रण पौधे की जड़ों को पर्याप्त पोषण देने के साथ-साथ अतिरिक्त पानी को भी आसानी से बाहर निकाल देता है। यही कारण है कि ड्रैगन फ्रूट के स्वस्थ विकास के लिए अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी सबसे अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है।
यदि पौधे को भरपूर धूप, समय-समय पर सिंचाई और सहारे के लिए मजबूत खंभा या स्टैंड दिया जाए, तो यह तेजी से बढ़ता है और कुछ ही वर्षों में स्वादिष्ट व पौष्टिक ड्रैगन फ्रूट की भरपूर पैदावार देता है। इस तरह आप अपने घर में ही ताजे, रसायन-मुक्त और पौष्टिक फल प्राप्त कर सकते हैं, साथ ही बाजार से महंगे फल खरीदने का खर्च भी बचा सकते हैं।

ड्रैगन फ्रूट को ऐसी मिट्टी पसंद होती है जिसमें पानी जमा न हो और हवा का अच्छा प्रवाह बना रहे। इसके लिए एक संतुलित मिश्रण तैयार करें।
- 50 प्रतिशत सामान्य बगीचे की मिट्टी
- 30 प्रतिशत बालू या कोकोपीट
- 20 प्रतिशत अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद या जैविक खाद






