ईरान में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका का अलर्ट: नागरिकों से कहा- तुरंत देश छोड़ें, उड़ानें और एयरस्पेस हो सकते हैं प्रभावित
वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान को लेकर अपने नागरिकों के लिए एक बार फिर कड़ा सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। अमेरिकी सरकार ने अपने नागरिकों को किसी भी कारण से ईरान की यात्रा नहीं करने की सलाह दी है। साथ ही ईरान में पहले से मौजूद अमेरिकी नागरिकों से जल्द से जल्द देश छोड़ने को कहा गया है।
अमेरिकी विदेश विभाग की यात्रा चेतावनी में ईरान को लेवल-4 ‘Do Not Travel’ श्रेणी में रखा गया है। चेतावनी में आतंकवाद, अशांति, अपहरण, मनमानी गिरफ्तारी और गलत तरीके से हिरासत में लिए जाने जैसे जोखिमों का उल्लेख किया गया है।
उड़ानें रद्द होने और एयरस्पेस बंद होने की चेतावनी

अमेरिकी वर्चुअल दूतावास की ओर से जारी सुरक्षा अलर्ट में कहा गया है कि क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति जटिल बनी हुई है। ऐसे माहौल में यात्रियों को फ्लाइट कैंसिलेशन, एयरस्पेस बंद होने और यात्रा मार्गों में अचानक बदलाव जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट और एयरलाइन से संबंधित जानकारी लगातार जांचते रहें। इसके साथ ही यदि वे ईरान से किसी दूसरे देश जाने की योजना बनाते हैं तो उस देश में प्रवेश से जुड़े नियमों और आवश्यक दस्तावेजों की पहले से पुष्टि कर लें।
जमीन की सीमाओं पर भी बदल सकते हैं
नियम अमेरिकी चेतावनी में ईरान की जमीनी सीमाओं को लेकर भी सावधानी बरतने को कहा गया है। अलर्ट के मुताबिक सीमा पार करने से जुड़े नियम बिना पूर्व सूचना के बदल सकते हैं। इसलिए नागरिकों से अपने पास वैकल्पिक यात्रा योजना रखने और परिस्थितियों में बदलाव के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, ईरान में अमेरिका का नियमित दूतावास मौजूद नहीं है, जिससे आपात स्थिति में अमेरिकी नागरिकों को नियमित कांसुलर सहायता उपलब्ध कराना मुश्किल हो सकता है।
हूती हमलों से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ा
ईरान से जुड़े क्षेत्रीय तनाव का एक अहम पहलू यमन में सक्रिय हूती समूह की गतिविधियां भी हैं। हाल के दिनों में हूतियों और सऊदी अरब के बीच संघर्ष बढ़ा है। रॉयटर्स के अनुसार, हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं, जिनमें रियाद के आसपास के इलाकों को भी निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं।

इस घटनाक्रम ने पश्चिम एशिया में पहले से मौजूद तनाव को और जटिल बना दिया है। क्षेत्र में ऊर्जा आपूर्ति और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
अमेरिकी ठिकानों और संस्थानों को लेकर भी चेतावनी
अमेरिका ने अपने नागरिकों को यह भी आगाह किया है कि ईरान या ईरान समर्थक समूह विदेशों में अमेरिकी हितों से जुड़े स्थानों, संस्थानों और व्यवसायों को निशाना बना सकते हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने मध्य पूर्व के बाहर स्थित कुछ अमेरिकी राजनयिक ठिकानों को भी पहले निशाना बनाए जाने का उल्लेख किया है।

नागरिकों को प्रदर्शन, बड़ी भीड़ और भारी पुलिस मौजूदगी वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है। इसके अलावा अमेरिकी नागरिकों से सार्वजनिक स्थानों पर अपनी अमेरिकी पहचान को अनावश्यक रूप से प्रदर्शित न करने और स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
हवाई हमले की स्थिति में क्या सलाह?
अमेरिकी सुरक्षा निर्देशों में संभावित हवाई हमले की स्थिति में नागरिकों को खिड़कियों और कांच के दरवाजों से दूर रहने तथा आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने की सलाह दी गई है। विदेश विभाग ने अमेरिकी नागरिकों को Smart Traveler Enrollment Program (STEP) में पंजीकरण कराने की भी सलाह दी है, ताकि उन्हें सुरक्षा संबंधी अपडेट मिल सकें।

पश्चिम एशिया पर टिकी दुनिया की नजर
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव तथा सऊदी अरब और हूतियों के बीच जारी संघर्ष ने पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। हालिया घटनाक्रम में कूटनीतिक प्रयासों के साथ सैन्य गतिविधियां भी जारी हैं। रॉयटर्स के अनुसार, क्षेत्रीय संघर्ष का असर ऊर्जा आपूर्ति और महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर भी दिखाई दे रहा है।
ऐसे माहौल में अमेरिका की ताजा एडवाइजरी को ईरान में मौजूद उसके नागरिकों के लिए गंभीर सुरक्षा चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है। फिलहाल अमेरिकी नागरिकों को ईरान की यात्रा से पूरी तरह बचने और वहां मौजूद लोगों को सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।





