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उत्तराखंड में भारी बारिश से हाहाकार, दून समेत 3 जिलों में रेड अलर्ट; सड़कें बंद, चारधाम यात्रा थमी

देहरादून। उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट लेते हुए लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और मलबा आने से कई सड़क मार्ग बाधित हुए हैं, जबकि भारी बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने भी एहतियाती कदम तेज कर दिए हैं। मौसम विभाग ने देहरादून समेत तीन जिलों के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।

बारिश और खराब मौसम का असर प्रदेश की महत्वपूर्ण चारधाम यात्रा पर भी पड़ा है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा को अस्थायी रूप से स्थगित किया गया है। वहीं, प्रदेश में करीब 57 सड़कें बंद होने की सूचना है। प्रशासन और संबंधित विभाग बंद मार्गों को खोलने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।

दून समेत तीन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने प्रदेश के कुछ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से देहरादून, पौड़ी और नैनीताल में मौसम के ज्यादा सक्रिय रहने का अनुमान है। लगातार बारिश की स्थिति में नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ सकता है।

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से पहाड़ी और संवेदनशील क्षेत्रों की यात्रा नहीं करने की अपील की है। निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बारिश के साथ बढ़ सकता है।

57 सड़कें बंद, आवाजाही पर पड़ा असर

लगातार बारिश का सबसे ज्यादा असर सड़क संपर्क पर दिखाई दे रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में कई जगह चट्टानों से मलबा और बोल्डर सड़क पर आने से यातायात बाधित हुआ है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में 57 सड़कें बंद हैं।

सड़क मार्ग बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें प्रभावित मार्गों पर पहुंचकर मलबा हटाने और यातायात बहाल करने में जुटी हैं।

हालांकि, पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण सड़क खोलने के काम में भी चुनौती बनी हुई है। किसी मार्ग को खोलने के बाद दोबारा मलबा आने की स्थिति में यातायात फिर प्रभावित हो सकता है।

चारधाम यात्रा पर अस्थायी रोक

मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए चारधाम यात्रा भी स्थगित कर दी गई है। प्रशासन का कहना है कि खराब मौसम के बीच तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। यात्रा मार्गों पर भूस्खलन और सड़क अवरोध की स्थिति को देखते हुए श्रद्धालुओं से फिलहाल यात्रा न करने की अपील की गई है।

चारधाम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम पहुंचते हैं। ऐसे में मौसम खराब होने पर मार्गों पर अतिरिक्त दबाव और जोखिम दोनों बढ़ सकते हैं। प्रशासन मौसम में सुधार और यात्रा मार्गों की स्थिति की समीक्षा के बाद आगे का निर्णय लेगा।

पहाड़ों में भूस्खलन का बढ़ा खतरा

उत्तराखंड में बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन एक बड़ी चुनौती बन जाता है। लगातार बारिश से पहाड़ों की ढलानों पर मिट्टी कमजोर होने के कारण सड़क पर मलबा आने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।

यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले सड़क मार्ग और मौसम की ताजा स्थिति की जानकारी जरूर लें। संवेदनशील इलाकों में प्रशासन द्वारा लगाए गए बैरिकेड और चेतावनी संकेतों का पालन करना भी जरूरी है।

प्रशासन अलर्ट, लोगों से सावधानी की अपील

रेड अलर्ट के बीच जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को सतर्क रखा गया है। संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

बारिश के दौरान लोगों से नदी, नाले और उफनते गदेरों के आसपास जाने से बचने की अपील की गई है। वहीं, पहाड़ी रास्तों पर वाहन चलाने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मौसम पर बनी रहेगी नजर

उत्तराखंड में मौसम का यह दौर आने वाले समय में सड़क यातायात, पर्यटन और चारधाम यात्रा की स्थिति को प्रभावित कर सकता है। फिलहाल प्राथमिकता प्रभावित मार्गों को सुरक्षित तरीके से खोलने और लोगों को मौसम से जुड़े जोखिमों से बचाने की है।

रेड अलर्ट वाले जिलों में रहने वाले लोगों और यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों को मौसम विभाग तथा स्थानीय प्रशासन की ताजा एडवाइजरी देखकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है।

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