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Zen-Z के साथ मिलकर काम करेगी धामी सरकार, ‘उत्तराखंड क्रिएटर्स मीट 2025’ पहुंचे कई बड़े इन्फ्लुएंसर

Zen-Z – उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में सोशल मीडिया के स्टार क्रिएटर्स के साथ सीएम धामी ने बड़ी मीटिंग की। सरकार की सोच है कि शासन और नई डिजिटल पीढ़ी के बीच की दूरी को कम कर दिया। Zen-Z पीढ़ी की सोच से रूबरू होने और उन तक सरकार की योजनाएं पहुंचाने के लिए आयोजित क्रिएटर्स मीट 2025 का विशेष योगदान रहेगा।
दरअसल ‘उत्तराखंड क्रिएटर्स मीट 2025’ केवल एक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह उस नए दौर की शुरुआत थी जहां प्रशासन, तकनीक, संवाद और रचनात्मकता एक ही मंच पर दिखाई दिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद मौजूद रहकर न सिर्फ युवा क्रिएटर्स की बात सुनी, बल्कि यह भी साफ किया कि आने वाले सालों में उत्तराखंड के विकास में डिजिटल कंटेंट की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होने वाली है। Zen-Z
कार्यक्रम में सौ से अधिक क्रिएटर्स शामिल हुए जिनमें यात्रा व्लॉगर्स, स्थानीय संस्कृति पर कंटेंट बनाने वाले कलाकार, फूड ब्लॉगर, एडवेंचर स्पोर्ट्स में सक्रिय युवा, पर्यावरण आधारित क्रिएटर्स, फोटोग्राफर, इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर और यूट्यूब कंटेंट निर्माता शामिल थे। कई जाने माने डिजिटल कलाकारों ने अपने अनुभव साझा किए कि वे उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, परंपरा और पर्यटन स्थलों को किस प्रकार वैश्विक दर्शकों तक पहुंचा रहे हैं। Zen-Z


इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया आज केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि नीतियों, योजनाओं और जनहित के कार्यों को लोगों तक पहुंचाने का सबसे प्रभावी साधन बन चुका है। सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म अनिवार्य हो गए हैं। यही वजह है कि उत्तराखंड सरकार ने पहली बार राज्यस्तरीय क्रिएटर्स मीट आयोजित की ताकि सोशल मीडिया पर सक्रिय युवा, व्लॉगर्स, यात्री, उद्यमी और विभिन्न क्षेत्रों के डिजिटल कलाकार सीधे सरकार के साथ संवाद कर सकें। Zen-Z
क्रिएटर्स मीट का बजट सूचना विभाग और पर्यटन विभाग के संयुक्त प्रयास से लगभग एक से डेढ़ करोड़ रुपये के भीतर रखा गया। इस बजट का उद्देश्य किसी भव्य आयोजन का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि एक कार्यात्मक और प्रभावी संवाद मंच तैयार करना था, जिसमें इंटरएक्टिव सत्र, कार्यशालाएं और अनुभव साझा करने वाले पैनल शामिल थे। मीडिया विशेषज्ञों ने बताया कि निवेश की तुलना में इस आयोजन से राज्य को मिलने वाले लाभ कहीं अधिक होंगे क्योंकि यह कार्यक्रम सीधे उत्तराखंड की ब्रांडिंग को मजबूत करता है। Zen-Z
सरकार की योजना है कि हर वर्ष ऐसे कार्यक्रमों को बड़े स्वरूप में आयोजित किया जाए ताकि क्रिएटर्स की नई पीढ़ी राज्य के विकास अभियानों का सक्रिय साझेदार बन सके। उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र को डिजिटल प्लेटफॉर्म से सबसे अधिक लाभ मिल सकता है, क्योंकि राज्य की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा पर्यटन पर आधारित है। एक वायरल वीडियो, एक आकर्षक व्लॉग या किसी पहाड़ी गांव की वास्तविक कहानी हजारों यात्रियों को उत्तराखंड की ओर खींच सकती है। इसी तरह स्थानीय उत्पाद जैसे जड़ी बूटियां, हस्तशिल्प, पहाड़ी व्यंजन, जैविक उत्पाद और ग्रामीण उद्यम भी क्रिएटर्स के प्रचार से व्यापक बाजार तक पहुंच सकते हैं। Zen-Z


मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि यदि क्रिएटर्स उत्तराखंड की संस्कृति और प्रकृति पर आधारित सकारात्मक सामग्री बनाएंगे तो इससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, पर्यटन बढ़ेगा और राज्य का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगा। सरकार ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में क्रिएटर्स के लिए विशेष सहयोग योजनाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम और मीडिया फेलोशिप भी शुरू की जा सकती हैं। Zen-Z
इस कार्यक्रम को देखकर साफ स्पष्ट होता है कि उत्तराखंड सरकार बदलते समय की मांग को समझ रही है। जहां पहले विकास योजनाओं की जानकारी केवल सरकारी नोटिस या अखबारों तक सीमित रहती थी, अब वही योजनाएं डिजिटल क्रिएटर्स के माध्यम से लाखों लोगों तक मिनटों में पहुंच सकती हैं। आधुनिक शासन और युवा रचनाकारों के बीच सहयोग का यह मॉडल आने वाले समय में उत्तराखंड को एक जीवंत, आधुनिक और संचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बना सकता है। Zen-Z
क्रिएटर्स मीट इस बात का प्रतीक है कि यदि शासन व्यवस्था युवाओं के साथ खड़ी होती है तो न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ती है, बल्कि राज्य की आवाज भी और दूर तक पहुंचती है। यह आयोजन उत्तराखंड के भविष्य की दिशा में उठाया गया एक सकारात्मक और दूरदर्शी कदम है। Zen-Z

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