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कोसी- सोमेश्वर हाइवे के लिए 14 करोड़ का बजट, नंदा राजजात यात्रा से पहले हो जाएगी मरम्मत

अल्मोड़ा- कोसी, सोमेश्वर और कौसानी को जोड़ने वाला राज्य मार्ग एक बार फिर चर्चा में है। यह सड़क केवल एक मार्ग नहीं, बल्कि अल्मोड़ा जिले की धड़कन है। यही सड़क कटारमल सूर्य मंदिर जैसे ऐतिहासिक स्थल तक पहुंचती है और हर साल हजारों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को चारधाम यात्रा की ओर बढ़ाती है। लेकिन पिछले कुछ महीनों में इस सड़क की हालत काफी खराब हो गई है। डामर उखड़ने से बड़े गड्ढे बन गए हैं और कई जगहों पर सुरक्षा दीवारें भी टूट चुकी हैं। स्थानीय लोग और यात्रा करने वाले पर्यटक इसे लेकर लगातार चिंता जता रहे हैं। लोक निर्माण विभाग ने सड़क की मरम्मत और सुरक्षा दीवारों के पुनर्निर्माण के लिए 14 करोड़ रुपये का विस्तृत प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। अगस्त में निकलने वाली नंदा राजजात यात्रा से पहले सड़क की मरम्मत की उम्मीद की जा रही है।

बारिश और भूस्खलन से बिगड़ी हालत
बरसात और ऊपरी क्षेत्रों में भूस्खलन होने के कारण सड़क की सतह और किनारे कमज़ोर पड़ गए। कई स्थानों पर सड़क इतनी खराब हो चुकी है कि गाड़ियों को बेहद धीमी गति से चलना पड़ता है। पर्यटक कहते हैं कि यह मार्ग जितना खूबसूरत है, उतना ही जोखिम भरा भी बन गया है। ड्राइवरों को कई बार अचानक गड्ढों में उतर जाने की वजह से खतरा महसूस होता है।

लोनिवि ने भेजा 14 करोड़ का प्रस्ताव
मानस खंड परियोजना के तहत लोक निर्माण विभाग ने सड़क की मरम्मत और सुरक्षा दीवारों के पुनर्निर्माण के लिए 14 करोड़ रुपये का विस्तृत प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। विभाग को उम्मीद है कि प्रस्ताव को जल्द मंजूरी मिल जाएगी ताकि काम समय पर शुरू हो सके। सड़क ठीक होने से चारधाम यात्रियों और पर्यटकों को बड़ी राहत मिलेगी। खासकर आने वाले वर्षों में यह मार्ग और भी महत्वपूर्ण होने वाला है, क्योंकि…

अगस्त 2026 में नंदा राजजात यात्रा प्रस्तावित
उत्तराखंड की सबसे कठिन और पवित्र यात्राओं में से एक नंदा राजजात यात्रा 2026 में प्रस्तावित है। इस यात्रा में देश और विदेश से हजारों श्रद्धालु आते हैं। सड़क खराब होने से इतनी बड़ी यात्रा में परेशानी बढ़ सकती है, इसलिए तैयारी अभी से शुरू कर दी गई है।
अधिशासी अभियंता आरपी सिंह का कहना है कि जैसे ही 14 करोड़ वाले प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी, सड़क पर डामरीकरण और मरम्मत का काम प्राथमिकता के आधार पर शुरू कर दिया जाएगा। उनका कहना है कि विभाग इस मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

स्थानीय लोगों की उम्मीदें
सोमेश्वर और कौसानी के बीच रहने वाले लोगों का कहना है कि सड़क ठीक न होने से उनकी रोजमर्रा की यात्रा और व्यापार प्रभावित होता है। कई किसानों को अपने उत्पाद बाजार तक लाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वहीं, पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोग कहते हैं कि सड़क सुधरने से क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या और बढ़ेगी।
पर्यटन पर बड़ा असर
कौसानी, जिसे मिनी स्विट्जरलैंड कहा जाता है, हर साल बड़ी संख्या में सैलानियों को आकर्षित करता है। खराब सड़क की वजह से कई लोग वापस लौट जाते हैं या यहां आने से कतराते हैं। सड़क के सुधरने से न सिर्फ पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार भी मजबूत होगा।
यह सड़क केवल अल्मोड़ा या सोमेश्वर की जीवनरेखा नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों में उत्तराखंड की धार्मिक यात्रा और पर्यटन की एक अहम कड़ी बन सकती है। अब उम्मीद यही है कि प्रस्ताव जल्द मंजूर हो और काम बिना देरी शुरू हो सके, ताकि लोग सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव कर सकें।

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