देवता के चमत्कार से उत्तरकाशी पुलिस हैरान, कोतवाली पहुंचकर नागराजा की देवडोली ने पकड़वाए चोर
उत्तरकाशी- उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में ऐसा अनोखा और चौंकाने वाला दृश्य देखने को मिला, जिसने लोगों को हैरानी में डाल दिया। चिणाखोली गांव के सेमनागराजा मंदिर में हुई चोरी की घटना के बाद जब पुलिस सुराग नहीं जुटा पा रही थी, तभी ग्रामीणों ने अपने पारंपरिक देवता नागराजा की देवडोली को बुलाया। देवडोली ने न सिर्फ घटना पर अपनी “इच्छा” बताई, बल्कि खुद ग्रामीणों के साथ कोतवाली पहुंचकर चोरों की पहचान भी कर दी। यह दृश्य देखकर कोतवाली में मौजूद लोग आश्चर्य से भर गए।
घटना कैसे शुरू हुई
बीते रविवार चिणाखोली गांव में शादी समारोह था। उसी दिन दो अनजान लोग गांव पहुंचे और मंदिर के पुजारी विकेश सेमवाल से गांव के बारे में कई तरह की बातें कीं। बातचीत के बाद पुजारी घर चले गए।
शाम को जब पुजारी दोबारा मंदिर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि मंदिर का दरवाजा टूटा हुआ था। अंदर से दानपात्र और देवता की मूर्ति गायब थी। ग्रामीणों को इस घटना का पता चला तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शक के आधार पर दो लोगों को पकड़ा, लेकिन चोरी का सामान नहीं मिला। पुलिस ने गांव में आए दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया। ग्रामीणों को भी शक इन्हीं दो लोगों पर था, मगर पुलिस जब तलाशी में चोरी हुआ सामान नहीं निकाल पाई, तो उलझन और बढ़ गई।
अब देवडोली ने संभाला जिम्मा
ग्रामीणों ने अपने पारंपरिक विश्वास के अनुसार देवडोली से मार्गदर्शन लेने का निर्णय लिया। देवडोली को बुलाया गया और ग्रामीणों ने पूछा कि आगे क्या करना चाहिए। देवडोली ने स्पष्ट कहा कि उन्हें कोतवाली ले जाया जाए, वहां वे चोरों की पहचान कर देंगी।
पूरा गांव देवडोली के साथ थाने पहुंचा
सोमवार को देवडोली, ग्रामीणों और बुजुर्गों का पूरा समूह तालियों और शंख की आवाजों के बीच कोतवाली पहुंचा। यह दृश्य पुलिस और स्थानीय लोगों के लिए असाधारण था। कोतवाली परिसर में देवडोली ने हिरासत में लिए गए दोनों व्यक्तियों को देख कर साफ कहा कि यही दोनों चोरी की वारदात में शामिल थे। देवडोली ने यह भी बताया कि कुल पांच लोग थे, लेकिन गांव में दो ही अंदर आए थे।

देवडोली द्वारा बताए स्थान पर मिला चोरी का सामान
इससे पहले ग्रामीण देवडोली की बताई दिशा में खोज करने निकले थे। गांव से लगभग तीन किलोमीटर दूर उन्हें चोरी हुआ दानपात्र और देवता की मूर्ति एक झाड़ी के पास मिली। इससे ग्रामीणों का भरोसा और भी मजबूत हो गया कि चोरी में वही लोग शामिल थे जिनपर देवडोली ने संकेत दिया।
नगर कोतवाल भावना कैंथोला ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर दो लोगों को हिरासत में लिया गया है। चोरी का सामान मिल चुका है, जांच जारी है। ग्रामीणों ने अभी तक कोई लिखित तहरीर नहीं दी है।
देवडोली करती है इंसाफ
उत्तरकाशी और गढ़वाल क्षेत्र में देवडोली की परंपरा सदियों पुरानी है, जहां देवता के माध्यम से लोग समाधान खोजते हैं। लेकिन किसी देवडोली का भीड़ के साथ थाने तक चलकर आना और वहां आरोपी की पहचान करना अपने आप में दुर्लभ है। थाने पहुंचे कई लोग इस दृश्य को जीवन का अनोखा अनुभव बता रहे थे।
ग्रामीणों का कहना है कि उनके देवता ने पहले भी कई कठिन मामलों में मदद की है। इस बार भी चोरी जैसी गंभीर घटना में देवडोली का मार्गदर्शन निर्णायक साबित हुआ।






