अमेरिका ने ‘पैक्स सिलिका’ में मोदी के कारण भारत को शामिल नहीं किया’, कांग्रेस का विदेश नीति पर प्रहार
नई दिल्ली। अमेरिका की अगुवाई में एक नई रणनीतिक पहल ‘पैक्स सिलिका’ शुरू की गई है, जिसका मकसद एक सुरक्षित और नवाचार से चलने वाली सिलिकॉन सप्लाई सीरीज बनाना है। इसमें भारत को शामिल न किए जाने पर कांग्रेस ने शनिवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की विदेश नीति पर हमला बोला है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पैक्स सिलिका पहल का मकसद चीन जैसे देशों पर निर्भरता को कम करना, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लिए जरूरी सामग्री और क्षमताओं की रक्षा करना है और यह सुनिश्चित करना है कि पैक्स सिलिका के सदस्य देश बड़े पैमाने पर बदलाव लाने वाली तकनीक को विकसित और इस्तेमाल कर सकें।

कांग्रेस ने कहा कि यह बहुत हैरान करने वाला नहीं है कि भारत एक सुरक्षित सिलिकॉन आपूर्ति श्रृंखला बनाने की अमेरिकी रणनीतिक पहल का हिस्सा नहीं है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबंधों तेज गिरावट आई है। विपक्षी पार्टी ने कहा कि अगर हम इस समूह का हिस्सा होते तो यह हमारे लिए फायदेमंद होता।
पार्टी महासचिव (संचार प्रभार) जयराम रामेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि भारत के इस समूह में शामिल न होने की खबर ऐसे समय आई है, जब प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर अपने अच्छे मित्र और अहमदाबाद, ह्यूस्टन और वॉशिंगटन डीसी में कई बार गले मिल चुके साथी के साथ टेलीफोन वार्ता की जानकारी उत्साहपूर्वक साझा की है।
जयराम रामेश ने एक्स पर लिखा कि अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने चीन की हाई-टेक आपूर्ति श्रृंखला पर निर्भरता कम करने के लिए नौ देशों की पहल शुरू की है, जिसे पैक्स सिलिका कहा गया है। इसमें अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, नीदरलैंड, ब्रिटेन, इस्राइल, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।
रमेश ने कहा, 10 मई 2025 के बाद ट्रंप-मोदी के संबंधों में तेज गिरावट को देखते हुए, भारत का इस समूह में शामिल न होना ज्यादा चकित करने वाला नहीं है। निसंदेह, यह हमारे लिए लाभकारी होता अगर हम इसका हिस्सा होते।






