Dehradun – खेल महाकुंभ में बड़ा बदलाव, अब मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी होगी, खेल प्रतिभाओं को तराशेंगे
देहरादून। उत्तराखंड में खेलों को नई पहचान देने के लिए इस साल खेल महाकुंभ को नए रूप में आयोजित किया जा रहा है। अब यह आयोजन मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी 2025 26 के नाम से होगा, जिसकी शुरुआत 23 दिसंबर से की जा रही है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए इसकी विस्तृत जानकारी दी और कहा कि यह प्रतियोगिता प्रदेश के खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर बनेगी।
खेल मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी चार चरणों में आयोजित की जाएगी। पहला चरण न्याय पंचायत स्तर पर होगा, इसके बाद विधानसभा स्तर, फिर संसदीय क्षेत्र स्तर और अंत में राज्य स्तरीय मुकाबले कराए जाएंगे। इस पूरी प्रतियोगिता के दौरान कुल 26 खेल स्पर्धाएं होंगी। इस बार खास बात यह है कि आधुनिक खेलों के साथ साथ प्रदेश के परंपरागत खेलों को भी प्रतियोगिता में शामिल किया गया है, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को आगे आने का मौका मिल सके।
उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता का समापन 28 जनवरी को किया जाएगा। समापन समारोह के दिन मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही कुल अंकों के आधार पर विजेता बनने वाली टीम या खिलाड़ी को पांच लाख रुपये की नकद इनाम राशि दी जाएगी। चैंपियन का फैसला उनके द्वारा जीते गए पदकों के आधार पर तय किए गए अंकों के जोड़ से किया जाएगा।
खेल मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि अलग अलग स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वालों को भी सम्मानित किया जाएगा। सांसद ट्रॉफी जीतने वाली टीम को दो लाख रुपये और विधानसभा ट्रॉफी जीतने वाली टीम को एक लाख रुपये की नकद राशि दी जाएगी। इसके अलावा अगर कोई खिलाड़ी इस प्रतियोगिता के दौरान राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ता है, तो उसे एक लाख रुपये की अतिरिक्त इनाम राशि दी जाएगी।
रेखा आर्या ने बताया कि मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी के लिए खिलाड़ियों का पंजीकरण 14 अक्टूबर से शुरू कर दिया गया था। अब तक एक लाख दस हजार से ज्यादा खिलाड़ी अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं, जो यह दिखाता है कि प्रदेश के युवाओं में खेलों को लेकर कितना उत्साह है। ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 22 दिसंबर तक खुली रहेगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ी इसमें भाग ले सकें।
उन्होंने यह भी कहा कि दिव्यांग खिलाड़ियों को भी इस आयोजन में पूरा सम्मान और मौका दिया जाएगा। प्रदेश के दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए एथलेटिक्स, बैडमिंटन और तैराकी की अलग प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इस श्रेणी के लिए भी पंजीकरण शुरू कर दिया गया है, ताकि दिव्यांग खिलाड़ी भी अपनी प्रतिभा दिखा सकें।
आयोजन की तैयारियों को लेकर खेल मंत्री ने सचिवालय स्थित एनआईसी कार्यालय से सभी जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी की। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि ट्रायल और प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले किसी भी खिलाड़ी के पास जूते और ट्रैकसूट जरूर होने चाहिए। यह सुनिश्चित करना जिलों की जिम्मेदारी होगी कि कोई भी खिलाड़ी बिना जरूरी खेल सामग्री के मैदान में न उतरे।
सर्दी के मौसम को देखते हुए खेल मंत्री ने अधिकारियों को खिलाड़ियों की सुरक्षा और सुविधा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी खेल स्थलों पर ठंड से बचाव की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही हर मैदान पर स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात रहे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। जरूरत पड़ने पर खिलाड़ियों के ठहरने और भोजन की भी उचित व्यवस्था की जाए।
खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि मुख्यमंत्री चैंपियंस ट्रॉफी केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि उत्तराखंड के युवाओं को खेलों के जरिए आगे बढ़ाने का एक मजबूत मंच है। सरकार चाहती है कि गांव से लेकर राज्य स्तर तक छिपी हुई प्रतिभाएं सामने आएं और प्रदेश का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करें।






