Delhi News – दिल्ली में प्रदूषण सर्टिफिकेट के बगैर पेट्रोल मिलना बन्द, बाहरी राज्यों के गैर BS-6 वाहनों को नो-एंट्री
नई दिल्ली। बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) द्वारा दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप-4 की पाबंदियां लागू की गईं। ग्रेप-4 लगने के बाद भी प्रदूषण का स्तर काम नहीं हुआ तो दिल्ली सरकार ने कई कड़े कदम उठाए। गुरुवार से BS-6 के अलावा सभी बीएस-3 और बीएस-4 बाहरी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी। साथ ही बिना पीयूसी सर्टिफिकेट (पोल्यूशन अंडर कंट्रोल) के पेट्रोल पंप संचालकों को फ्यूल नहीं देने के निर्देश दिए। इसके कारण पूरे शहर में अफरातफरी का आलम है।पीयूसी सर्टिफिकेट के लिए लंबी लंबी कतारे देखने को मिल रही हैं।
दिल्ली के सभी 400 पेट्रोल पंपों पर ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ अभियान शुरू हो गया। पहले दिन लोगों में जागरूकता दिखी, लेकिन सर्वर दिक्कतों और कतारों ने माहौल को थोड़ा तनावपूर्ण बनाया। इसी तरह, पहले दिन पेट्रोल पंपों पर स्थित सेंटरों से पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाने के लिए वाहनों की लंबी कतारें देखी गई, खासकर कनॉट प्लेस, जनपथ, धौलाकुंआ, पंजाबी बाग, करोलबाग, केशवपुरम, बाबा खड़क सिंह मार्ग और आनंद विहार जैसे इलाकों में स्थित पंपों पर इंतजार एक से तीन घंटे का रहा। विशेष बात कि नो पीयूसी नो फ्यूल का बोर्ड चस्पा का दिया गया है। मयूर विहार, वैशाली, उत्तम नगर, आर के पुरम, रोहिणी,
दक्षिणी दिल्ली के सरिता विहार में पेट्रोल पंप पर पॉल्यूशन सर्टिफिकेट देखकर ही ईंधन दिया जा रहा। जिनके पास सर्टिफिकेट नहीं था, उन्होंने पहले कराया, फिर ईंधन दिया। मौके पर ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के कर्मी भी तैनात है।
दिल्ली यातायात पुलिस द्वारा वाहनों के पीयूसी की जांच करके ही आगे की ओर भेजा जा रहा है। जिन वाहन चालकों के पास पीयूसी सर्टिफिकेट नहीं है, उन्हें वापस भेजा जा रहा है।
कई जगह सर्वर डाउन होने से जांच में तीन घंटे तक देरी हुई, जिससे वाहन मालिकों में नाराजगी रही। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा के निर्देश पर ट्रांसपोर्ट टीमों ने सघन जांच अभियान भी चलाया हुआ है, जिसमें वाहनों के पीयूसी की जांच की जा रही हैं।
पीयूसी की जांच, फिजिकल सर्टिफिकेट दिखाने,के साथ ही वाहन डेटाबेस, वायस अलर्ट सिस्टम और एएनपीआर(आटोमेटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरों से हो रही है। कैमरे वाहन नंबर स्कैन कर तुरंत अलर्ट देते हैं, जिससे पंप स्टाफ बिना पीयूसी वाले वाहनों को ईंधन देने से रोकता है।
जनपथ,दिल्ली गेट जैसे पंपों पर पहले से लगे स्पेशल कैमरे प्रभावी साबित हो रहे हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस ने 580 पुलिसकर्मियों को 126 चेक पॉइंट्स और 37 प्रखर वैन के साथ तैनात किया गया, जो यातायात पुलिस के सहयोग से पेट्रोल पंपों पर निगरानी कर रहे हैं। विवाद की छोटी-मोटी घटनाएं हुईं। पीयूसी संचालकों से तकरार और सर्वर दिक्कत पर नाराजगी देखी गई। लेकिन कुल मिलकर अभी तक यह मामला सामान्य तरीके से ही चल रहा है।






