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CM Dhami – त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की देहरादून में हत्या पर सीएम धामी का कड़ा रुख, छात्र से पिता से फोन पर बोले- दोषियों को बख्शेंगे नहीं

देहरादून- राजधानी में पढ़ाई कर रहे त्रिपुरा के छात्र एंजेल चकमा की हत्या ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना सिर्फ एक परिवार का दर्द नहीं है, बल्कि उन हजारों छात्रों की चिंता भी है जो देश के अलग अलग हिस्सों से उत्तराखंड आकर पढ़ाई करते हैं। इस मामले को राज्य सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है और साफ संदेश दिया है कि ऐसी घटनाओं के लिए उत्तराखंड की धरती पर कोई जगह नहीं है। इस मामले में मुख्यमंत्री ने दिवंगत छात्र एंजेल चकमा के पिता से फोन पर बात भी की। उन्होंने इस दर्दनाक घटना पर दुख जताया और भरोसा दिलाया कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार इस मामले को हल्के में नहीं ले रही है और न्याय दिलाने में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

देहरादून में हुई इस घटना पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा है कि प्रदेश में किसी भी तरह की हिंसा और बेकाबू हरकतें बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। जो लोग कानून हाथ में लेंगे, उन्हें सख्त सजा दी जाएगी। सरकार ऐसे लोगों से पूरी ताकत के साथ निपटेगी और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। त्रिपुरा के उनाकोटी जिले के नंदानगर गांव के रहने वाले एंजेल चकमा देहरादून में पढ़ाई कर रहे थे। पढ़ाई के सपने लेकर उत्तराखंड आए इस छात्र की हत्या ने उसके परिवार की दुनिया उजाड़ दी। इस मामले में पुलिस अब तक पांच आरोपियों को पकड़ चुकी है। इनमें से दो आरोपी नाबालिग हैं, जिन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया है। एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस ने फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पच्चीस हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी नेपाल की ओर भाग सकता है, इसलिए पुलिस की एक टीम को नेपाल भेजा गया है। सीमावर्ती इलाकों में भी निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि आरोपी कहीं बच न सके।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस को साफ निर्देश दिए हैं कि फरार आरोपी को जल्द से जल्द पकड़ा जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि आरोपी बहुत जल्द पुलिस की पकड़ में होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करेंगे, वे सरकार से किसी तरह की नरमी की उम्मीद न रखें। मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि उत्तराखंड में रहने वाला हर व्यक्ति चाहे वह स्थानीय हो या बाहर से आया छात्र, उसकी सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार इस जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने एंजेल चकमा के परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई और कहा कि सरकार उनके साथ खड़ी है। सरकार की ओर से यह भी बताया गया है कि इस घटना को लेकर केंद्रीय स्तर पर भी बातचीत हुई है। मुख्यमंत्री ने अमित शाह, राजनाथ सिंह और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा से इस विषय पर चर्चा की है। सभी ने इस घटना को गंभीर माना है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का समर्थन किया है।

सरकार का कहना है कि देश और विदेश से उत्तराखंड आकर पढ़ाई कर रहे छात्रों की सुरक्षा उसकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। किसी भी छात्र के साथ अगर अन्याय होता है, तो उसे न्याय दिलाना सरकार की पहली प्राथमिकता होगी। इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। इस घटना के बाद देहरादून सहित राज्य के अन्य शैक्षणिक क्षेत्रों में भी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। पुलिस गश्त बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। छात्रावासों और किराये पर रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस और प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है। एंजेल चकमा की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, लेकिन सरकार का कहना है कि इस मामले में इंसाफ जरूर होगा। एक होनहार छात्र की जान जाने का दर्द कभी नहीं भरेगा, लेकिन दोषियों को सजा दिलाकर ही पीड़ित परिवार को कुछ हद तक न्याय मिल सकता है। उत्तराखंड सरकार ने साफ किया है कि शांति और सुरक्षा के माहौल से किसी को भी खेलने नहीं दिया जाएगा। जो भी इस तरह की बेकाबू हरकतों में शामिल पाया जाएगा, उसे कानून के सामने जवाब देना ही होगा। यह संदेश सिर्फ आरोपियों के लिए नहीं, बल्कि समाज के हर उस व्यक्ति के लिए है जो कानून को हल्के में लेने की सोचता है।

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