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Uttarakhand Traffic – बॉर्डर पर जाम में फंसेंगे वाहन, कई जगह नो-एंट्री, नया साल मनाने उत्तराखण्ड आ रहे हैं तो जान लें ज़मीनी हालात

हरिद्वार- नए साल की खुशियों के बीच उत्तराखंड आने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। खास तौर पर हरिद्वार, ऋषिकेश, मसूरी और देहरादून की ओर जाने वाले रास्तों पर भारी भीड़ की उम्मीद है। इसी को देखते हुए पुलिस ने ट्रैफिक को संभालने के लिए नया और सख्त प्लान लागू किया है, ताकि जाम की परेशानी न हो और लोग सुरक्षित तरीके से नए साल का स्वागत कर सकें। यह व्यवस्था 30 दिसंबर की रात 12 बजे से लागू कर दी गई है। हरिद्वार पुलिस का कहना है कि हर साल नए साल पर शहर में अचानक भीड़ बढ़ जाती है। श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए आते हैं, वहीं बड़ी संख्या में पर्यटक पहाड़ों की ओर निकलते हैं। ऐसे में अगर ट्रैफिक पर समय रहते नियंत्रण न किया जाए तो हालात बेकाबू हो सकते हैं। इसी वजह से इस बार पहले से ही पूरा रोड मैप तैयार किया गया है। पुलिस ने साफ कहा है कि जो लोग नए साल पर उत्तराखंड आने की योजना बना रहे हैं, वे घर से निकलने से पहले ट्रैफिक प्लान जरूर देख लें।

तय किए गए रूट और पार्किंग का पालन करना जरूरी होगा। नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र डोभाल ने बताया कि अगर भीड़ ज्यादा बढ़ी तो दूसरे राज्यों से आने वाले भारी वाहनों को बॉर्डर पर ही रोक दिया जाएगा। इसका मकसद यह है कि शहर के अंदर जाम न लगे और छोटे वाहनों और जरूरी सेवाओं को आने जाने में दिक्कत न हो। ऋषिकेश की ओर से आने वाले वाहनों के लिए चीला मार्ग को सिर्फ बाहर निकलने के रास्ते के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। यानी इस रास्ते से वाहन शहर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे, केवल बाहर जा सकेंगे। इससे हरिद्वार के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम रखने में मदद मिलेगी। अगर चंडी चौक इलाके में वाहनों की संख्या ज्यादा बढ़ती है तो वहां वन वे व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। इस स्थिति में सामान्य ट्रैफिक को गुरुकुल कांगड़ी की सर्विस लेन से सिंहद्वार होते हुए शंकराचार्य चौक की ओर भेजा जाएगा। पुलिस का कहना है कि जरूरत पड़ने पर यह व्यवस्था तुरंत लागू कर दी जाएगी। टोल प्लाजा पर अगर वाहनों की लंबी लाइन लगती है और दबाव बढ़ता है, तो नहर पटरी का इस्तेमाल करके वाहनों को निकाला जाएगा। इससे टोल प्लाजा के आसपास जाम की स्थिति बनने से रोकी जा सकेगी। देहरादून और ऋषिकेश की ओर जाने वाली प्राइवेट बसों के लिए भी अलग इंतजाम किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर इन बसों को मोहंड मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा, ताकि हरिद्वार शहर के अंदर ट्रैफिक का बोझ कम रहे। दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर और पंजाब की ओर से हरिद्वार आने वाले वाहनों को नारसन, मंगलौर, कोर कॉलेज और गुरुकुल कांगड़ी के रास्ते शहर में प्रवेश दिया जाएगा। इन वाहनों की पार्किंग अलकनंदा, दीनदयाल, पंतद्वीप और चमगादड़ टापू में कराई जाएगी। पुलिस ने पार्किंग स्थलों पर भी अतिरिक्त बल तैनात करने की तैयारी की है, ताकि अव्यवस्था न फैले। अगर इन रूटों पर भी ज्यादा दबाव बनता है

तो वाहनों को नारसन से लक्सर, फेरूपुर और जगजीतपुर के वैकल्पिक रास्तों से भेजा जाएगा। ऐसी स्थिति में पार्किंग बैरागी कैंप में कराई जाएगी। पुलिस का कहना है कि वैकल्पिक रास्तों को भी पहले से तैयार रखा गया है, ताकि अचानक फैसला लेने में परेशानी न हो। मुरादाबाद और नजीबाबाद की ओर से आने वाले छोटे वाहनों को चिड़ियापुर, श्यामपुर और चंडी चौकी के रास्ते चंडी चौक तक लाया जाएगा। वहीं बड़े वाहनों को सीधे 4.2 डायवर्जन की ओर मोड़ दिया जाएगा। इससे शहर के बीचों बीच भारी गाड़ियों का दबाव नहीं पड़ेगा। देहरादून और ऋषिकेश से हरिद्वार आने वाले वाहनों के लिए नेपाली फार्म और रायवाला मार्ग तय किया गया है। इन वाहनों की पार्किंग लालजीवाला, पंतद्वीप और चमगादड़ टापू में होगी। पुलिस का कहना है कि इन इलाकों में पहले से ही पार्किंग की पर्याप्त जगह है। पुलिस ने आम लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे जल्दबाजी न करें, धैर्य रखें और पुलिस कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। नए साल का जश्न तभी अच्छा रहेगा जब सफर सुरक्षित और आरामदायक होगा। ट्रैफिक नियमों का पालन करके न सिर्फ अपनी बल्कि दूसरों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है। हरिद्वार पुलिस का साफ कहना है कि उनका मकसद लोगों को रोकना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित तरीके से मंजिल तक पहुंचाना है। नए साल की रात को शहर में गश्त भी बढ़ाई जाएगी और संवेदनशील इलाकों पर खास नजर रखी जाएगी। अगर आप उत्तराखंड में नया साल मनाने जा रहे हैं, तो रास्ते की सही जानकारी लेकर निकलें, तय पार्किंग में ही वाहन खड़ा करें और पुलिस के सहयोग से सफर को आसान बनाएं। थोड़ी सी समझदारी और नियमों का पालन आपके नए साल की शुरुआत को यादगार बना सकता है।

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