Delhi – दिल्ली के तुर्कमान गेट पर फिर बुलडोजर एक्शन, पथराव केस में अब तक 11 गिरफ्तार
नई दिल्ली। तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान हुए पथराव के मामले में पुलिस की कार्रवाई लगातार आगे बढ़ रही है। अब तक इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने हाल ही में छह और आरोपियों को पकड़ा है। अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल के वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के आधार पर बाकी आरोपियों की पहचान की जा रही है और आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। बुधवार तड़के नगर निगम की टीम ने रामलीला मैदान की ओर से तुर्कमान गेट इलाके में अतिक्रमण हटाने का काम शुरू किया था। इसी दौरान फैज ए इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाए जाने को लेकर माहौल तनावपूर्ण हो गया। देखते ही देखते कुछ लोगों ने पथराव शुरू कर दिया। इस घटना में पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात बिगड़ते देख पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी और इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया गया।

दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश के बाद नगर निगम ने इस इलाके में बड़ा अभियान चलाया। रात करीब एक बजे से सुबह सात बजे तक कार्रवाई की गई। इस दौरान करीब 17 बुलडोजर लगाए गए और लाइब्रेरी, बैंक्वेट हॉल, डिस्पेंसरी, सार्वजनिक शौचालय और कई बड़े ढांचे हटाए गए। प्रशासन का कहना है कि यह सभी निर्माण अवैध थे और लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। इलाके की जमीन को लेकर नगर निगम और कुछ स्थानीय पक्षों के बीच विवाद भी सामने आया है। नगर निगम का कहना है कि मस्जिद प्रबंध समिति या वक्फ बोर्ड की ओर से जमीन के मालिकाना हक से जुड़े वैध कागज पेश नहीं किए जा सके हैं। इसी कारण अदालत के आदेश के बाद कार्रवाई की गई। सुरक्षा एजेंसियों ने भी इस क्षेत्र पर खास नजर रखी है, क्योंकि पहले भी यहां से जुड़े कुछ मामलों में जांच चल चुकी है। तुर्कमान गेट में तनाव के बाद धार्मिक और सामाजिक नेताओं ने शांति बनाए रखने की अपील की है। मौलाना खालिद रशीद ने कहा कि कानून को अपना काम करने देना चाहिए, लेकिन किसी भी निर्दोष व्यक्ति पर गलत कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से संयम बरतने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पथराव करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी। किसी निर्दोष को परेशान नहीं किया जाएगा। वहीं, स्थानीय लोगों में इस कार्रवाई को लेकर डर और चिंता भी देखी जा रही है। कई परिवारों का कहना है कि अचानक हुई कार्रवाई से उन्हें परेशानी हुई है और वे चाहते हैं कि प्रशासन बातचीत के जरिए समाधान निकाले। फिलहाल इलाके में पुलिस बल की मौजूदगी बनी हुई है और स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी पहली जिम्मेदारी है और किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही, अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहने के संकेत दिए गए हैं।






