चक्रवात मोंथा का कहर: आंध्र प्रदेश और ओडिशा में रेड अलर्ट, हवाई और रेल सेवाएं ठप
चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ ने आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा में भारी तबाही मचा दी है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि यह तूफान आज रात तक आंध्र प्रदेश के काकीनाडा तट से टकराएगा। इसके असर से कई तटीय इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। लोगों को घरों में रहने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
विशाखापत्तनम एयरपोर्ट पूरी तरह बंद
चक्रवात मोंथा के खतरे को देखते हुए विशाखापत्तनम एयरपोर्ट से संचालित सभी 32 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। एयरपोर्ट निदेशक एन. पुरुषोत्तम ने बताया कि सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने AAI की गाइडलाइंस के अनुसार तूफान से पहले और बाद की सभी सावधानियां बरती हैं।
वहीं विजयवाड़ा एयरपोर्ट से आज 16 उड़ानें रद्द की गईं, जबकि कुछ सीमित उड़ानें संचालित हुईं। तिरुपति एयरपोर्ट पर भी चार उड़ानें रद्द की गईं।

120 ट्रेनें रद्द, रेल सेवाओं पर बड़ा असर
साउथ सेंट्रल रेलवे (SCR) ने जानकारी दी कि 27 और 28 अक्टूबर को कुल 120 ट्रेनें कैंसिल की गई हैं। कुछ ट्रेनें दूसरे मार्गों पर डायवर्ट की गई हैं, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
तूफान के नाम कैसे रखे जाते हैं?
हिंद महासागर में आने वाले चक्रवातों के नाम WMO-ESCAP (विश्व मौसम संगठन – एशिया और प्रशांत आयोग) की टीम तय करती है। इसमें 13 देश शामिल हैं — भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका, थाईलैंड, ओमान, पाकिस्तान, म्यांमार, यूएई, यमन, कतर, ईरान, सऊदी अरब और मालदीव।
हर देश 13 नाम सुझाता है, जो बोलने में आसान और विवादमुक्त होते हैं।
‘मोंथा’ नाम थाईलैंड ने सुझाया है, जिसका अर्थ है “सुगंध से भरा एक फूल।”
ओडिशा और आंध्र प्रदेश में हाई अलर्ट
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आपात बैठक कर राज्य की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी, मुख्य सचिव मनोज आहूजा और IMD डायरेक्टर मनोरमा मोहंती सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
राज्य के गंजम, गजपति, रायगढ़, कोरापुट, मलकानगिरी, नबरंगपुर और कालाहांडी जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा और आसपास के इलाकों में एनडीआरएफ की टीमें सक्रिय हैं। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
ओडिशा और तमिलनाडु के प्रभावित जिलों में भी करीब 140 टीमें राहत कार्य में लगी हुई हैं। स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को 30 अक्तूबर तक बंद कर दिया गया है।

बिजली और नेटवर्क सेवाएं बाधित होने की आशंका
भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण पेड़ और बिजली के खंभे गिरने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि इससे बिजली सप्लाई और मोबाइल नेटवर्क प्रभावित हो सकते हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, तूफान मोंथा की हवा की रफ्तार 90 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। यह उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है और रात तक काकीनाडा के पास तट से टकराएगा।
तमिलनाडु में भी बारिश का कहर
चेन्नई, तिरुवल्लूर, रानीपेट और कांचीपुरम में भारी बारिश हुई है। कई जगहों पर स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें।
चक्रवात मोंथा ने दक्षिण भारत के कई राज्यों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सरकार और राहत एजेंसियां पूरी सतर्कता से काम कर रही हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे सुरक्षित स्थानों पर रहें, मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करें, और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।






