चमोली के मोपाटा के पास बारातियों की बेकाबू कार खाई में गिरी, 3 की मौत, 2 घायल
चमोली- चमोली के मोपाटा गांव के पास एक कार अचानक बेकाबू होकर लगभग पचास मीटर गहरी खाई में गिर गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। स्थानीय लोग, पुलिस और प्रशासन तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन हादसा इतना अचानक और खतरनाक था कि कई जिंदगियां बचाई नहीं जा सकीं।
यह घटना उस समय हुई जब चौड़ और कोटेड़ा गांव के पांच लोग मोपाटा में आयोजित एक शादी समारोह में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। गांव में शादी का माहौल था, लोग खुश थे और एकसाथ घर लौटने की सोच रहे थे। वे सड़क तक लगभग एक किलोमीटर पैदल चलकर पहुंचे और चौड़ गांव के नारायण सिंह की खड़ी कार में बैठ गए।
लेकिन ठीक उसी समय, जब चालक अभी कार में पूरी तरह बैठ भी नहीं पाया था, वाहन ढलान पर खड़े होने के कारण अचानक तेज गति से आगे बढ़ा और सीधे गहरी खाई में जा गिरा। देखते ही देखते खुशियों का माहौल चीख पुकार में बदल गया। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और सभी लोग बचाव कार्य में जुट गए।
तीन लोगों की मौके पर ही मौत
इस बड़े हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति ने अस्पताल ले जाते समय एम्बुलेंस में दम तोड़ दिया। दो अन्य घायलों को गंभीर हालत में देवाल प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।
मृतकों की पहचान इस प्रकार है
बसंती देवी, 38 वर्ष, पत्नी कुंवर सिंह, निवासी चौड़
मोहनी देवी, 48 वर्ष, पत्नी स्वर्गीय मान सिंह, निवासी चौड़
भजन सिंह, 65 वर्ष, पुत्र वादर सिंह, निवासी चौड़
घायलों की पहचान
ज्योति, 22 वर्ष, निवासी कोटेड़ा
खिलाप सिंह, 63 वर्ष, निवासी चौड़
गियर गलती से लगने की आशंका
थानाध्यक्ष विनोद चौरसिया ने बताया कि कार लगभग पचास मीटर नीचे गिरी थी। शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि कार में बैठते समय किसी ने गलती से गियर दबा दिया हो, जिससे वाहन अचानक तेज रफ्तार से आगे बढ़ गया और हादसा हो गया।
हालांकि, असली कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। पुलिस ने वाहन को कब्जे में ले लिया है और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। मृतकों के शवों को कर्णप्रयाग भिजवाया गया है, जहां पोस्टमार्टम के बाद उन्हें परिवार को सौंपा जाएगा।
स्थानीय लोगों में इस हादसे को लेकर गहरा दुख है। शादी से लौट रहे लोगों पर अचानक आई इस आपदा ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि ऐसी घटनाएं सिर्फ परिवारों को ही नहीं, बल्कि पूरे गांव की भावनाओं को घायल कर देती हैं।
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और सावधानी की जरूरत पर जोर देता है। ढलान पर खड़े वाहनों को सुरक्षित रखने, हैंडब्रेक लगाने और पहियों को ब्लॉक करने जैसे छोटे कदम कई बार बड़ी दुर्घटनाओं से बचा सकते हैं।
फिलहाल घायलों का इलाज जारी है और पूरा गांव मिलकर पीड़ित परिवारों की मदद में लगा है। प्रशासन ने भी हर संभव सहायता का भरोसा दिया है।






