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धामी सरकार अल्मोड़ा के कसार देवी को और विकसित करेगी, डीएम ने बड़ी बैठक में तैयार किया प्लान

अल्मोड़ा। अल्मोड़ा का कसार देवी न सिर्फ एक पर्यटन स्थल है, बल्कि वह जगह है जहां प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक ऊर्जा और कुमाऊँ की सांस्कृतिक विरासत एक साथ धड़कती है। इसी अनोखे मिश्रण को मजबूत आधार देते हुए इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर और सशक्त बनाने की दिशा में उत्तराखण्ड की धामी सरकार लगातार कार्य कर रही है। कसार देवी का और विकास करने के लिए अल्मोड़ा के डीएम अंशुल सिंह की अध्यक्षता में एक बड़ी बैठक हुई। इसमें कसार देवी के विकास के लिए भविष्य की रूपरेखा बनाई गई।
बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी ने कहा कि कसार देवी की पहचान केवल उसके रमणीय दृश्यों तक सीमित नहीं है। यह वह स्थान है जहां वर्षों से संतों, यात्रियों और प्रकृति प्रेमियों ने मानसिक शांति की तलाश की है। यहां की घाटियों में बिखरी शांति, मंदिर की आध्यात्मिकता और दूर तक फैले पर्वतीय दृश्य इस क्षेत्र को अनोखी पहचान देते हैं। उन्होंने कहा कि इन संभावनाओं को व्यवस्थित विकास के माध्यम से और प्रभावी बनाया जा सकता है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि पर्यटन मार्गों, व्यूपॉइंट्स और मुख्य स्थानों की साफ-सफाई तथा सौंदर्यीकरण के लिए ठोस प्रस्ताव तैयार किए जाएँ। पर्वतीय पर्यटन में साफ-सफाई और प्राकृतिक संरचना का संरक्षण सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, और इसी बात को ध्यान में रखते हुए फॉरेस्ट विभाग की लंबित आपत्तियों को शीघ्र सुलझाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में पार्किंग व्यवस्था सुधारने, संकेतक बोर्ड लगाने, विश्राम स्थलों को दुरुस्त करने और पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने जैसे बुनियादी मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। पर्यटन क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियों के साथ इन सुविधाओं की आवश्यकता और अधिक बढ़ जाती है। इसी क्रम में मंदिर क्षेत्र के सौंदर्यीकरण पर भी विचार किया गया, ताकि मंदिर परिसर का सौंदर्य उसकी आध्यात्मिक गरिमा के अनुरूप और अधिक आकर्षक हो सके।


जिलाधिकारी ने कहा कि कसार देवी का विकास उत्तराखण्ड सरकार की प्राथमिकता में है। इसलिए प्रचार-प्रसार के आधुनिक माध्यमों का उपयोग बढ़ाना समय की मांग है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, वर्चुअल टूर, पर्यटन ऐप और सोशल मीडिया के माध्यम से कसार देवी को और अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सकता है। यह कदम न केवल युवा पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि विदेशी पर्यटकों के लिए भी यह स्थान अधिक सुगम और आकर्षक बनेगा।
बैठक के दौरान होटल व्यवसायियों ने अपनी चुनौतियाँ साझा कीं। सीजन के समय बढ़ती भीड़ के बीच पार्किंग और स्वच्छता की समस्याएँ सामने आती हैं, जबकि ऑफ सीजन में प्रचार-प्रसार की कमी के कारण पर्यटकों की संख्या घट जाती है। जिलाधिकारी ने व्यवसायियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं और सभी मिलकर एक बेहतर पर्यटन अनुभव सुनिश्चित करेंगे।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि कसार देवी की पहचान को एक उच्च स्तर पर ले जाना तभी सम्भव है जब सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यह क्षेत्र न केवल देश के पर्यटकों को आकर्षित करेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए भी ध्यान केंद्रित स्थान बनेगा।
बैठक में पर्यटन उपनिदेशक प्रकाश सिंह खत्री, उपजिलाधिकारी सदर संजय कुमार, जिला विकास अधिकारी एस.के. पंत, होटल एसोसिएशन के प्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इस सामूहिक सहभागिता ने यह संकेत दिया कि कसार देवी का विकास अब केवल एक योजना नहीं, बल्कि सामूहिक संकल्प में बदल चुका है।

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