पालघर में दर्दनाक हादसा: दो कॉलेज छात्रों ने 18वीं मंजिल से कूदकर दी जान, पुलिस ने जांच शुरू की
महाराष्ट्र के पालघर जिले में सोमवार रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां दो कॉलेज छात्रों ने एक निर्माणाधीन इमारत की 18वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह हादसा पालघर के विरार पश्चिम स्थित बोलिंज इलाके में हुआ, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान शाम घोराई (20) और आदित्य रामसिंह (21) के रूप में हुई है। दोनों ही नालासोपारा के अचोले इलाके के रहने वाले थे और एक स्थानीय कॉलेज में अंतिम वर्ष के छात्र थे। घटना सोमवार देर रात करीब 10 बजे के आसपास हुई जब आसपास के लोगों ने जोरदार धमाके की आवाज सुनी और देखा कि दो युवक नीचे जमीन पर गिरे हुए हैं।
सूचना मिलते ही अर्नाला सागरी पुलिस थाने की टीम मौके पर पहुंची और दोनों छात्रों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की पूरी कहानी
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, दोनों छात्र देर शाम निर्माणाधीन इमारत में दाखिल हुए थे। उस समय बिल्डिंग में कोई सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं था। कुछ लोगों ने बताया कि उन्होंने दोनों को ऊपर जाते हुए देखा था, लेकिन किसी ने सोचा नहीं था कि वे इतना बड़ा कदम उठा लेंगे।
इमारत की 18वीं मंजिल से कूदने के बाद दोनों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए। पुलिस ने मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं किया है। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों दोस्तों के बीच पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव या निजी परेशानी चल रही थी, लेकिन इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
पुलिस की कार्रवाई
अर्नाला सागरी पुलिस ने इस मामले में आकस्मिक मृत्यु (Accidental Death Report) का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब दोनों छात्रों के परिवार, दोस्तों और कॉलेज स्टाफ से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने ऐसा कदम क्यों उठाया।

पुलिस अधिकारी ने बताया, “प्राथमिक जांच में यह आत्महत्या का मामला प्रतीत होता है। फिलहाल हम मोबाइल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया चैट और कॉल डिटेल्स की जांच कर रहे हैं। इसके साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या दोनों किसी आर्थिक या पारिवारिक परेशानी से जूझ रहे थे।”
परिवार में मातम और सदमे का माहौल
घटना की खबर मिलते ही दोनों छात्रों के परिवारों में कोहराम मच गया। घरवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। पड़ोसियों ने बताया कि दोनों छात्र अच्छे स्वभाव के थे और अक्सर साथ ही कॉलेज आते-जाते थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि वे ऐसी खतरनाक सोच पाल रहे हैं।
समाज के लिए एक चेतावनी
यह घटना एक बार फिर युवा मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े करती है। आज के समय में पढ़ाई, करियर और सामाजिक दबाव के कारण छात्र अक्सर तनाव में रहते हैं। कई बार वे अपनी तकलीफ किसी से साझा नहीं कर पाते और अंत में ऐसा कदम उठा लेते हैं।
ऐसे मामलों में परिवार और दोस्तों की जिम्मेदारी होती है कि वे समय रहते अपने बच्चों और साथियों से बात करें, उनकी परेशानियों को समझें और उन्हें सहारा दें।
पालघर की यह घटना सिर्फ एक आत्महत्या नहीं, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी है कि युवा पीढ़ी के मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लिया जाए। पुलिस जांच जारी है और अधिकारियों का कहना है कि वे हर पहलू की गहराई से जांच करेंगे ताकि इस दर्दनाक घटना के पीछे की सच्चाई सामने आ सके।






