बेरीनाग में सनसनीखेज वारदात, दूसरे की बीवी को भगा ले गया युवक, नाराज घरवालों ने दुल्हन को नदी में डुबो दिया
पिथौरागढ़- पिथौरागढ़ जिले से एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को हिला दिया है। बेरीनाग तहसील के दड़मेत कमदीना गांव की एक शादीशुदा महिला के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने गुरुवार को बड़ा खुलासा किया। जांच से पता चला कि महिला को शादी का झांसा देकर एक युवक ने अपने साथ ले गया, और बाद में युवक के परिजनों ने गुस्से में आकर उसे रामगंगा नदी में फेंक कर मार डाला।
इस घटना की शुरुआत 16 सितंबर को हुई, जब महिला के ससुर बहादुर राम ने राजस्व क्षेत्र कालासीला में अपनी बहू सुनीता देवी की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। उस समय मामला अज्ञात के खिलाफ दर्ज हुआ था। लगभग एक महीने बाद, 16 अक्टूबर को यह केस औपचारिक रूप से नियमित पुलिस के हवाले कर दिया गया।
जांच आगे बढ़ी तो बड़े खुलासे हुए। पुलिस ने पाया कि बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र के किसमिला गांव का निवासी विजय प्रसाद काफी समय से सुनीता देवी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाता था। दोनों के बीच बातचीत और मिलने-जुलने के प्रमाण मिलने के बाद साफ हुआ कि इसी युवक ने शादी का लालच देकर सुनीता का अपहरण किया था।
लेकिन सबसे बड़ा और चौंकाने वाला तथ्य यह सामने आया कि जब विजय के परिवार को इस संबंध की जानकारी मिली तो वे बेहद नाराज हो गए। पूछताछ में सामने आया कि परिवार वालों ने मिलकर एक सोची-समझी योजना बनाई और सुनीता को रामगंगा नदी में फेंक दिया। इससे उसकी मौत हो गई।
बेरीनाग थाने के एसएचओ नरेश कुमार गंगवार की टीम ने लगातार जांच की। जब पर्याप्त सबूत मिले, तो मामले में धारा 87 और 140(1)/3(5) बीएनएस जोड़ते हुए चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें मुख्य आरोपी विजय प्रसाद, उसके पिता रमेश राम, हरीश राम और बलवंत राम शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने रामगंगा नदी से सुनीता देवी का बैग, फोटो, एक स्वेटर और दुपट्टा बरामद किया। हालांकि दुःख की बात यह है कि अभी तक सुनीता देवी का शरीर नहीं मिल पाया है, जिसकी तलाश जारी है। आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस टीम में एसएसआई हरीश सिंह कोरंगा, एसआई पूनम मेहरा, एएसआई भुवन चंद्र पांडेय, कांस्टेबल गोपाल पांडेय और राजकुमार शामिल थे।






