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लद्दाख मॉडल पर उत्तरकाशी में स्नो लेपर्ड टूरिज्म, सर्दियों में भी बढ़ेगा पर्यटन

उत्तरकाशी- उत्तराखंड सरकार ने राज्य में सर्दियों के पर्यटन को नई दिशा देने के लिए एक अहम फैसला लिया है। अब लद्दाख की तरह उत्तराखंड में भी स्नो लेपर्ड टूर शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसका मकसद है कि सर्दियों के महीनों में भी पर्यटक राज्य से जुड़े रहें और हिमालय की ऊंची पहाड़ियों में पाए जाने वाले दुर्लभ हिम तेंदुए को सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से देखने का अवसर मिले।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि उत्तरकाशी जिले में स्थित गंगोत्री नेशनल पार्क में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जाए। इसके तहत सर्दियों के मौसम में पार्क को सीमित संख्या में पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि यह टूरिज्म पूरी तरह नियंत्रित होगा ताकि वन्यजीवों और पर्यावरण को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे।
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें स्थानीय लोगों की सीधी भागीदारी होगी। गांव के लोगों को होमस्टे चलाने, स्थानीय गाइड बनने, ट्रैकिंग और अन्य साहसिक गतिविधियों से जोड़ा जाएगा। इससे पहाड़ी इलाकों में रहने वाले युवाओं को अपने ही गांव में रोजगार मिलेगा और उन्हें सर्दियों में शहरों की ओर पलायन नहीं करना पड़ेगा।


पर्यटन सचिव धीरज गर्ब्याल के अनुसार स्नो लेपर्ड टूरिज्म के साथ साथ राज्य में अन्य सर्दियों की गतिविधियों को भी मजबूत किया जा रहा है। औली और खलिया टॉप जैसे इलाकों में स्कीइंग, स्नो ट्रेकिंग और रैपलिंग को बढ़ावा दिया जाएगा। मसूरी, नैनीताल और उत्तरकाशी में विंटर कार्निवल आयोजित किए जाएंगे ताकि सर्दियों में भी शहरों में रौनक बनी रहे।
इसके अलावा कॉर्बेट और नंधौर क्षेत्रों में वाइल्डलाइफ टूरिज्म को बढ़ाया जाएगा। ऋषिकेश में अंतरराष्ट्रीय योग महोत्सव को भी सर्दियों के पर्यटन से जोड़ा जाएगा, ताकि देश और विदेश से आने वाले पर्यटक साल के ठंडे महीनों में भी उत्तराखंड का रुख करें।
सरकार पर्यटन ढांचे को मजबूत करने पर भी खास ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि जीएमवीएन और केएमवीएन के सभी पर्यटन परिसरों को 20 दिसंबर तक बेहतर सुविधाओं के साथ तैयार किया जाए। होटल कारोबारियों और ट्रैवल ऑपरेटरों के साथ बैठकें कर सर्दियों के लिए विशेष पैकेज और बेहतर सेवाओं की योजना बनाई जा रही है।


उत्तराखंड को वैश्विक स्तर पर सर्दियों के पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित करने के लिए कई नए आकर्षण भी जोड़े जा रहे हैं। सारयू कॉरिडोर का विकास किया जा रहा है। गंगोत्री की तर्ज पर अन्य धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। देवप्रयाग समेत प्रमुख घाटों पर विशेष गंगा आरती की योजना है। साथ ही सोशल मीडिया अभियान, रोड शो और विशेष विंटर टूर पैकेज के जरिए उत्तराखंड को देश और दुनिया में प्रचारित किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि स्नो लेपर्ड टूरिज्म मॉडल से राज्य में सर्दियों के दौरान भी पर्यटन को नई पहचान मिलेगी। इससे स्थानीय लोगों की आमदनी बढ़ेगी और उत्तराखंड को सालभर सक्रिय पर्यटन राज्य के रूप में जाना जाएगा। साथ ही हिम तेंदुए जैसे दुर्लभ वन्यजीवों की वैज्ञानिक और सुरक्षित निगरानी भी संभव होगी।
सरकार को उम्मीद है कि जिस तरह लद्दाख में स्नो लेपर्ड टूरिज्म ने सर्दियों के पर्यटन को नई जान दी है, उसी तरह उत्तराखंड में भी यह पहल पहाड़ों की अर्थव्यवस्था और पहचान दोनों को मजबूत करेगी।

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