हरिद्वार -ऋषिकेश हाइवे पर भीषण सड़क हादसा, खड़े ट्रक से जा टकराई कार, 4 की मौत
हरिद्वार -ऋषिकेश हाइवे पर सोमवार देर रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। इस हादसे ने चार परिवारों की खुशियां पल भर में छीन लीं। सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से एक तेज रफ्तार कार जा टकराई, जिसमें कार सवार चार लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालना बेहद मुश्किल हो गया। हादसा देर रात का बताया जा रहा है, जब सड़क पर आवाजाही कम थी। जैसे ही टक्कर की तेज आवाज आसपास के लोगों ने सुनी, मौके पर अफरा तफरी मच गई। स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े और पुलिस तथा आपात सेवाओं को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस, 108 एंबुलेंस और राहत दल मौके पर पहुंच गया और बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार काफी तेज रफ्तार में थी। रात का समय होने की वजह से आगे खड़े ट्रक का अंदाजा कार चालक को नहीं हो पाया और कार सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई। टक्कर के बाद कार के परखच्चे उड़ गए। चारों लोग कार में बुरी तरह फंस गए थे। पुलिस और राहत टीम को शवों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले चारों लोगों की पहचान अभी पूरी तरह नहीं हो पाई है। पुलिस का कहना है कि पहचान की प्रक्रिया जारी है और परिजनों को सूचना देने का प्रयास किया जा रहा है। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि तेज रफ्तार और रात के समय कम दिखाई देना हादसे की बड़ी वजह हो सकती है। हालांकि पुलिस का कहना है कि असली कारण जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में ले लिया है और सड़क किनारे खड़े ट्रक को लेकर भी जांच शुरू कर दी गई है। ट्रक चालक से पूछताछ की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि ट्रक किस हालात में और किन नियमों के तहत सड़क किनारे खड़ा किया गया था। क्या ट्रक पर कोई चेतावनी संकेत या लाइट लगी थी या नहीं, इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, वाहन की स्थिति और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस हादसे के बाद एक बार फिर ऋषिकेश हरिद्वार मार्ग पर सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। यह हाईवे पहले भी कई हादसों का गवाह बन चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय सड़क किनारे भारी वाहन खड़े कर दिए जाते हैं, जिन पर न तो सही लाइट होती है और न ही कोई चेतावनी संकेत। अंधेरे में ऐसे वाहन मौत का कारण बन जाते हैं। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि हाईवे पर खड़े भारी वाहनों की सख्त निगरानी की जाए। रात के समय ट्रैफिक व्यवस्था को और मजबूत किया जाए और सड़क किनारे वाहन खड़ा करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो। लोगों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही किसी की पूरी जिंदगी छीन सकती है, जैसा कि इस हादसे में हुआ।






