#Home #Dehradun #Uttarakhand

Ankita Bhandari – अंकित भंडारी हत्याकांड केस में VIP का नाम आएगा सामने, धामी सरकार जांच के लिए SIT बनाई

देहरादून- हरिद्वार में पूर्व विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर से जुड़ा विवाद अब और गंभीर हो गया है। आरोप और जवाबी आरोपों के बीच पुलिस ने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए विशेष जांच टीम का गठन कर दिया है। मामले की संवेदनशीलता और बढ़ते दबाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी शिकायतों की जांच एक ही छत के नीचे होगी, ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी के साथ अन्याय न हो। यह मामला तब और सुर्खियों में आया, जब बहुचर्चित अंकित भंडारी हत्याकांड से जुड़ा एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। यह ऑडियो उर्मिला सनावर की ओर से सामने लाया गया था। ऑडियो में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम का नाम लिए जाने से राजनीतिक गलियारों में भी हलचल मच गई। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक इस मामले की गूंज पहुंची और कई सवाल खड़े होने लगे। इसी बीच पूर्व विधायक सुरेश राठौर और अभिनेत्री उर्मिला सनावर के बीच चल रहा निजी विवाद भी खुलकर सामने आ गया। दोनों की ओर से एक दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए गए, जिसके बाद अलग अलग थानों में शिकायतें दर्ज होने लगीं। हालात ऐसे बने कि पुलिस के लिए भी यह तय करना जरूरी हो गया कि जांच को किस तरह आगे बढ़ाया जाए। हरिद्वार के एसएसपी ने इस पूरे मामले की जांच के लिए सात सदस्यीय एसआईटी गठित करने का आदेश दिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक यह टीम हरिद्वार और देहरादून में दर्ज सभी मामलों की एक साथ जांच करेगी। फिलहाल उर्मिला सनावर के खिलाफ हरिद्वार जिले में चार प्राथमिकी दर्ज हैं, जबकि देहरादून में भी एक रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

इन सभी मामलों में आरोपों की प्रकृति अलग अलग बताई जा रही है, लेकिन पुलिस का कहना है कि किसी भी शिकायत को हल्के में नहीं लिया जाएगा। सुरेश राठौर और उर्मिला सनावर के बीच खींचतान कोई नई नहीं है। दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है, जो समय समय पर सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर भी दिखता रहा है। हाल के दिनों में यह विवाद और तीखा हो गया। आरोप प्रत्यारोप इतने बढ़ गए कि मामला कानून के दायरे में आ गया और पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। अंकित भंडारी हत्याकांड पहले से ही उत्तराखंड के सबसे संवेदनशील मामलों में गिना जाता है। इस केस से जुड़ा कोई भी नया दावा या ऑडियो सामने आते ही लोगों की भावनाएं भड़क उठती हैं। उर्मिला सनावर द्वारा वायरल किए गए ऑडियो ने भी यही असर डाला। कई लोगों ने इसकी जांच की मांग की, तो कुछ ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। ऐसे में पुलिस और प्रशासन पर भी दबाव बढ़ गया कि वह निष्पक्ष और साफ जांच करे। एसआईटी गठन के बाद पुलिस का कहना है कि अब जांच तेज और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ेगी। टीम सभी ऑडियो, दस्तावेज, सोशल मीडिया पोस्ट और गवाहों के बयान की जांच करेगी। यह भी देखा जाएगा कि वायरल ऑडियो की सच्चाई क्या है और उसमें किए गए दावों का कोई ठोस आधार है या नहीं। पुलिस ने यह भी साफ किया है कि जांच के दौरान किसी भी व्यक्ति का पद या पहचान आड़े नहीं आएगी। राजनीतिक हलकों में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज है। एक तरफ भाजपा के भीतर इस पूरे प्रकरण को लेकर बेचैनी है, तो दूसरी ओर विपक्ष भी इस मुद्दे पर सवाल उठा रहा है। आम लोग भी यह जानना चाहते हैं कि आखिर सच्चाई क्या है और इतने बड़े नामों के बीच चल रहे इस विवाद का अंत कैसे होगा। उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर दोनों के लिए यह समय मुश्किलों भरा माना जा रहा है। एक ओर कानूनी जांच का दबाव है, तो दूसरी ओर सार्वजनिक छवि पर पड़ने वाला असर। पुलिस का कहना है कि एसआईटी की जांच रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल हरिद्वार में यह मामला चर्चा का केंद्र बना हुआ है। लोगों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि एसआईटी की जांच से क्या सामने आता है। यह मामला सिर्फ दो लोगों के निजी विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें राजनीति, कानून और जनभावनाएं सब जुड़ गई हैं। आने वाले दिनों में जांच जैसे जैसे आगे बढ़ेगी, वैसे वैसे इस पूरे प्रकरण की परतें खुलने की उम्मीद की जा रही है।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *