CRIME- पहले दोस्त को उधार दिया, फिर बीवियों की अदला बदली का खेल, खौफनाक मर्डर का राज कैसे खुला ?
काशीपुर- काशीपुर नेशनल हाईवे पर मिले एक शव की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। यह मामला दोस्ती, भरोसे और एक बेहद शर्मनाक दबाव से जुड़ा निकला, जिसने एक व्यक्ति को हत्या जैसा खौफनाक कदम उठाने पर मजबूर कर दिया। देहरादून सचिवालय में सफाई कर्मी का काम करने वाले संदीप ने अपने दोस्त सुरिंदर का कत्ल कर दिया। पुलिस पूछताछ में संदीप ने बताया कि सुरेन्द्र से उसने 80 हजार रुपये उधार ले रखे थे और अब वो बीवियों की अदला बदली का खेल खेलने का दबाव बना रहा था। उसकी घृणित और अपमानजनक बातों ने उसे हत्या करने के लिए मजबूर किया। ये मर्डर इतने महीन तरीके से किया गया था, राज खुलना मुश्किल था. लेकिन एक छोटे सी गलती के कारण पुलिस हत्यारे तक पहुंच गई
दोस्त, दोस्त न रहा
अब समझते है पूरा मामला क्या है? 21 दिसंबर को हरिद्वार काशीपुर नेशनल हाईवे पर नजीबाबाद बाईपास के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा मिला था। शव के पास एक जैकेट मिली थी, जिसकी जेब में बस का टिकट रखा हुआ था। इसी छोटे से सुराग ने पुलिस को धीरे धीरे पूरे मामले की सच्चाई तक पहुंचा दिया।
पुलिस को कैसे लगा सुराग ?
पुलिस जांच में मृतक की पहचान सुरेंद्र सिंह के रूप में हुई, जो नांगल थाना क्षेत्र के हरचंदपुर गांव का रहने वाला था और कई सालों से देहरादून में रह रहा था। शुरुआती जांच में यह साफ हो गया था कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि हत्या का मामला है।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस सुरेंद्र के दोस्त संदीप तक पहुंची। संदीप देहरादून सचिवालय में आउटसोर्सिंग के जरिए सफाईकर्मी के तौर पर काम करता है और डालनवाला थाना क्षेत्र के नालापानी रोड का रहने वाला है। पूछताछ में जो कहानी सामने आई, उसने हर किसी को हैरान कर दिया।
एएसपी सिटी डॉ कृष्ण गोपाल सिंह के मुताबिक, सुरेंद्र और संदीप पुराने दोस्त थे। सोमवार को सुरेंद्र अपने गांव हरचंदपुर आया था। इसकी जानकारी संदीप को पहले से थी। तय योजना के मुताबिक संदीप बस से रुड़की पहुंचा, फिर हरिद्वार होते हुए मंडावली पहुंचा। वहां सुरेंद्र से मुलाकात हुई और दोनों नजीबाबाद की ओर निकल पड़े।
नजीबाबाद बाईपास के पास सुनारोवाली इलाके में दोनों ने शराब पी। इसी दौरान मौका पाकर संदीप ने ईंट से सुरेंद्र के सिर पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने शव को जलाने की कोशिश भी की, लेकिन तभी गश्त कर रहे पुलिसकर्मी वहां पहुंच गए। खुद को फंसता देख संदीप मौके से भाग गया।
मर्डर के पीछे ‘वाइफ स्वैपिंग’
पुलिस पूछताछ में संदीप ने हत्या की वजह बताते हुए कहा कि सुरेंद्र उस पर बेहद गलत और अपमानजनक दबाव बना रहा था। वह बार बार उसकी पत्नी को लेकर अश्लील बातें करता था और पत्नी बदलने जैसी घिनौनी मांग करता था। इस वजह से संदीप मानसिक रूप से बेहद परेशान था। उसने बताया कि सुरेंद्र का आपराधिक स्वभाव होने के कारण वह खुलकर विरोध भी नहीं कर पा रहा था।

इतना ही नहीं, संदीप ने सुरेंद्र से करीब 80 हजार रुपये भी ले रखे थे, जिसे लेकर भी दोनों के बीच तनाव बना हुआ था। लगातार अपमान और दबाव से टूट चुके संदीप ने आखिरकार हत्या की योजना बना ली।
पुलिस को चकमा देने के लिए संदीप ने कई चालें चलीं। उसने अपना मोबाइल फोन रुड़की में छोड़ दिया, ताकि उसकी लोकेशन वहीं दिखाई दे। सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए उसने सफेद रंग की हुडी जैकेट खरीदी और चेहरा ढककर सफर किया। लेकिन यही जैकेट हत्या के बाद घटनास्थल पर छूट गई, जो उसके खिलाफ सबसे बड़ा सबूत बन गई।
जैकेट की जेब से मिले बस टिकट के आधार पर पुलिस ने मंडावली और हरिद्वार के रास्तों के सीसीटीवी कैमरे खंगाले। फुटेज में हुडी पहने संदीप की गतिविधियां साफ नजर आईं और आखिरकार पुलिस उसे पकड़ने में सफल रही।
पुलिस ने आरोपी संदीप को गिरफ्तार कर हत्या का खुलासा कर दिया है। मामले की जांच में सीओ नितेश प्रताप सिंह, प्रभारी निरीक्षक राहुल सिंह, सर्विलांस प्रभारी सुनील कुमार और अन्य पुलिसकर्मियों की टीम शामिल रही।
यह मामला सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि उस मानसिक पीड़ा की कहानी भी है, जो गलत सोच, अनैतिक दबाव और लगातार अपमान के कारण किसी इंसान को अंदर से तोड़ देती है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।






