#Home #National #News

Delhi – रात में हीटर चलाकर सोना खतरनाक, दिल्ली में हीटर फटने से पूरा परिवार जलकर खाक

दिल्ली- रात में हीटर चलाकर सोना खतरनाक हो सकता है। दिल्ली के बाहरी इलाके आदर्श नगर में सोमवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। मजलिस पार्क मेट्रो स्टेशन के सामने स्थित मेट्रो अपार्टमेंट्स की पांचवीं मंजिल पर एक फ्लैट में हीटर फटने के बाद आग लग गई। इस हादसे में दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन में इंजीनियर के पद पर कार्यरत अजय विमल, उनकी पत्नी नीलम और 10 साल की बेटी जान्हवी की जलकर मौत हो गई। उत्तर पश्चिम जिला पुलिस के मुताबिक, सोमवार रात करीब 2 बजकर 39 मिनट पर आदर्श नगर थाने को आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। अपार्टमेंट में मौजूद इन हाउस फायर फाइटिंग सिस्टम की मदद से आग पर कुछ ही देर में काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। आग बुझाने के बाद दमकल कर्मियों ने फ्लैट के अंदर तलाशी ली। मास्टर बेडरूम से तीनों के जले हुए शव बरामद किए गए। मृतकों की पहचान 45 वर्षीय अजय विमल, उनकी 38 वर्षीय पत्नी नीलम और उनकी बेटी जान्हवी के रूप में हुई। बताया गया कि आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिल पाया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि कमरे में रखा रूम हीटर अचानक फट गया, जिससे आग लग गई। आग लगते ही कमरे में धुआं भर गया और ऑक्सीजन की कमी हो गई। आशंका है कि धुएं के कारण परिवार के सदस्य पहले ही बेहोश हो गए होंगे। इसके बाद आग और धमाके ने हालात और भयावह बना दिए। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने क्राइम टीम और फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया। फ्लैट से जरूरी साक्ष्य जुटाए गए हैं। तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पूरी पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल पुलिस आग लगने के हर पहलू की गहराई से जांच कर रही है। पड़ोसियों ने बताया कि देर रात एक तेज धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग घबराकर बाहर निकल आए। जब ऊपर देखा तो पांचवीं मंजिल से धुआं उठता दिखा। कुछ ही देर में पूरा इलाका धुएं से भर गया। लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी। बताया गया कि फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद था, जिससे बचाव में भी परेशानी हुई। हैरानी की बात यह रही कि धमाके की आवाज करीब 200 मीटर दूर खड़े एक ट्रक चालक ने भी सुनी। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि धमाका काफी तेज था। पुलिस का कहना है कि संभव है कि परिवार के लोग पहले धुएं से बेहोश हो गए हों और उसके बाद धमाका हुआ हो, लेकिन फिलहाल यह सब शुरुआती अनुमान हैं। मृतक अजय विमल की बहन ऊषा ने बताया कि अजय तीन बहनों और दो भाइयों में सबसे छोटे थे। उनका बड़ा भाई उत्तर प्रदेश पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात है। परिवार मूल रूप से उज्जैन का रहने वाला है। ऊषा ने बताया कि आखिरी बार नववर्ष पर अजय से फोन पर बात हुई थी। कुछ दिन पहले ही परिवार के सदस्य उनसे मिलने आए थे। सब कुछ सामान्य और खुशहाल चल रहा था। ऊषा ने बताया कि अजय करीब 15 साल पहले दिल्ली आए थे और तब से दिल्ली मेट्रो में असिस्टेंट सेक्शन इंजीनियर के तौर पर काम कर रहे थे। मंगलवार सुबह करीब 8 बजे डीएमआरसी की ओर से परिवार को इस हादसे की जानकारी दी गई, जिसके बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर घरों में इस्तेमाल होने वाले हीटर और बिजली के उपकरणों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ठंड के मौसम में ऐसे उपकरण राहत तो देते हैं, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही पूरे परिवार की जिंदगी छीन सकती है। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि हीटर और अन्य बिजली उपकरणों का इस्तेमाल पूरी सावधानी से करें, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *