Delhi Assembly – दिल्ली विधानसभा में भारी हंगामा, AAP विधायक जरनैल सिंह और कुलदीप को मार्शलों ने बाहर निकाला
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पांचवें दिन भी सदन का माहौल गर्म रहा। कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष की ओर से नारेबाजी और विरोध की कोशिश की गई। विधानसभा अध्यक्ष ने पहले सदस्यों को शांत रहने की चेतावनी दी, लेकिन हंगामा नहीं रुका। इसके बाद आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह और कुलदीप कुमार को पूरे दिन के लिए सदन से बाहर कर दिया गया। मार्शल आउट की कार्रवाई के बाद भी कुछ देर तक शोरगुल बना रहा। सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी तो भाजपा के मालवीय नगर से विधायक सतीश उपाध्याय ने अपने क्षेत्र की गंभीर समस्या उठाई। उन्होंने बताया कि उनके इलाके की कई कॉलोनियों में पिछले तीन साल से गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। लोगों को पीने के पानी के लिए मजबूरन बोतल खरीदनी पड़ रही है या दूर दूर से साफ पानी लाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बीते दस सालों में पानी की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया गया, जिसका नुकसान अब आम जनता को उठाना पड़ रहा है। सतीश उपाध्याय ने बताया कि उनके इलाके में 30, 40 और कुछ जगहों पर तो 50 साल पुरानी पाइपलाइन अभी भी लगी हुई हैं। ये पाइपलाइन जर्जर हो चुकी हैं और इसी वजह से साफ पानी के साथ गंदगी मिलकर घरों तक पहुंच रही है। उन्होंने पानी के बंटवारे में भी असमानता का मुद्दा उठाया। उनका कहना था कि किसी कॉलोनी में एक घंटे पानी आता है तो किसी में वह भी नहीं आता। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस समस्या को गंभीरता से लेकर जल्द समाधान किया जाए।

इसके बाद भाजपा विधायक हरीश खुराना ने मोती नगर की सेवा बस्ती में पत्थर काटने के काम से फैल रहे प्रदूषण का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इस काम से इलाके में धूल और गंदगी बढ़ रही है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। उन्होंने प्रशासन से इस पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की। कृष्णा नगर से विधायक अनिल गोयल ने छोटे उद्योगों से जुड़ा मामला सदन में रखा। उन्होंने कहा कि अभी लघु उद्योगों में केवल 10 कर्मचारियों को रखने की अनुमति है, जिसे बढ़ाकर 20 किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, इस सीमा के कारण कई कारोबारी दिल्ली छोड़कर दूसरे राज्यों में जा रहे हैं। इससे दिल्ली को रोजगार और राजस्व दोनों का नुकसान हो रहा है। जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने सदन में पानी की स्थिति को लेकर सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता पिछले दस साल में पानी के क्षेत्र में काम न होने का खामियाजा भुगत रही है। पानी की मात्रा बढ़ाने और पुरानी पाइपलाइन बदलने के लिए पहले कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने बताया कि चंद्रावल और वजीराबाद जल संयंत्र के विस्तार का काम भी बीच में रोक दिया गया था। बार बार टेंडर बदले गए, जिससे योजनाएं आगे नहीं बढ़ सकीं। जल मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को ठेका दिलाने की मंशा के चलते काम लटकाए गए और इसका सीधा असर जनता पर पड़ा। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार अपने 11 महीने के कार्यकाल में पानी की व्यवस्था सुधारने के लिए लगातार काम कर रही है। दिल्ली में पानी की सप्लाई और मांग के बीच करीब ढाई सौ एमजीडी का अंतर है, जिसे आने वाले समय में कम करने की पूरी कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पुरानी पाइपलाइन बदली जाएंगी और जिन इलाकों में सीवर लाइन नहीं है, वहां नई लाइन बिछाई जाएगी। हिमाचल सरकार से मिलने वाले 125 एमजीडी पानी के प्रस्ताव पर भी बातचीत चल रही है और जल्द ही इसमें प्रगति होने की उम्मीद है। जल मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली की जनता को 24 घंटे साफ पेयजल उपलब्ध कराना है और इसके लिए सरकार पूरी तरह संकल्पित है। इस दौरान उपराज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के समय विपक्ष ने एक बार फिर हंगामा करने की कोशिश की। आम आदमी पार्टी के विधायक प्रेम चौहान ने आतिशी से जुड़ा एक वीडियो फर्जी बताते हुए उस पर आपत्ति जताई, जिसे भाजपा विधायकों ने सोशल मीडिया पर साझा किया था। विधानसभा अध्यक्ष ने सदन से शांति बनाए रखने की अपील की और कहा कि बेवजह व्यवधान न डाला जाए। उन्होंने बताया कि वीडियो को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेज दिया गया है। सदन के बाहर भी सियासी हलचल कम नहीं रही। आम आदमी पार्टी के विधायकों ने प्रदर्शन किया और नारे लगाए। वहीं दूसरी ओर, भाजपा सिख प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं ने आम आदमी पार्टी कार्यालय के पास प्रदर्शन किया। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष आतिशी पर सिख गुरु के अपमान का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की।






