Delhi CM: दिल्ली की महिलाओं को सरकार का दिवाली तोहफा: बिना गारंटी के 10 करोड़ रुपये तक का लोन मिलेगा
दिल्ली की महिलाओं के लिए इस दिवाली एक खुशखबरी आई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये तक की बिना गारंटी ऋण योजना की घोषणा की है। यह योजना उन महिलाओं के लिए बड़ी राहत है जो अपना व्यवसाय शुरू करना चाहती हैं लेकिन पूंजी की कमी के कारण पीछे रह जाती हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना महिला उद्यमियों को आत्मनिर्भर और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत महिलाओं को बिना किसी गारंटी के व्यवसाय शुरू करने या उसे बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि “जब तक देश की आधी आबादी घरों तक सीमित रहेगी, तब तक राष्ट्र का विकास संभव नहीं है।” रेखा गुप्ता ने इस मौके पर कहा कि सरकार चाहती है कि महिलाएं न सिर्फ घर संभालें, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दें।

यह घोषणा मुख्यमंत्री ने आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की। यह कार्यक्रम “पहल इंडिया फाउंडेशन” की ओर से आयोजित किया गया था, जिसमें “भारत में एमएसएमई क्षेत्र में महिला उद्यमियों को बढ़ावा देना” शीर्षक से एक रिपोर्ट भी जारी की गई।
कार्यक्रम के दौरान सीएम गुप्ता ने कहा कि पिछली सरकारें देश की बड़ी आबादी को बोझ मानती थीं, लेकिन आज की सरकार इसे एक मूल्यवान शक्ति के रूप में देखती है। उन्होंने कहा कि “महिलाएं सिर्फ समाज की आधी आबादी नहीं हैं, बल्कि देश के विकास की रीढ़ हैं। उन्हें सशक्त बनाना मतलब भारत को मजबूत बनाना है।”
रेखा गुप्ता ने कहा कि यह योजना महिलाओं के लिए “स्वर्ण युग” की शुरुआत है। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार महिला उद्यमियों को उनकी क्षमता का एहसास कराने और उनके सपनों को हकीकत में बदलने के लिए हर संभव मदद करेगी।
नई ऋण योजना का मकसद सिर्फ पैसे देना नहीं है, बल्कि महिलाओं को एक मंच प्रदान करना है, जहाँ वे अपने विचारों को हकीकत में बदल सकें। सरकार चाहती है कि महिलाएं छोटे व्यवसाय से लेकर बड़े उद्योग तक अपनी पहचान बनाएं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार जल्द ही इस योजना की प्रक्रिया को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आसान बनाएगी ताकि महिलाएं बिना किसी दिक्कत के आवेदन कर सकें।
रेखा गुप्ता ने कहा, “महिलाएं अब किसी की मोहताज नहीं रहीं। सरकार सिर्फ उन्हें एक दिशा दिखा रही है ताकि वे अपनी मंजिल तक पहुँच सकें।”

इस योजना से न सिर्फ महिलाओं को आर्थिक आज़ादी मिलेगी, बल्कि दिल्ली की अर्थव्यवस्था में भी नया उत्साह और रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
साफ है, इस दिवाली दिल्ली सरकार का यह कदम महिलाओं के लिए आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बनने जा रहा है।






