Kedar Nath Dham – केदारनाथ धाम में ताजा बर्फबारी, रात में माइनस 10 डिग्री तक गिरा तापमान
रुद्रप्रयाग- केदारनाथ धाम में एक बार फिर मौसम ने सख्त रूप दिखाया है। नए साल की शुरुआत के साथ ही धाम में बर्फबारी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार दोपहर के बाद अचानक तेज बर्फबारी शुरू हुई, जिसने पूरे क्षेत्र को सफेद चादर से ढक दिया। बर्फ गिरते ही ठंड और ज्यादा बढ़ गई और हालात ऐसे बन गए कि खुले में खड़ा रहना भी मुश्किल हो गया। एक जनवरी से लगातार हो रही बर्फबारी के कारण केदारनाथ धाम में तापमान तेजी से गिर रहा है। रात के समय तापमान माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जा रहा है, जबकि दिन में भी पारा मुश्किल से 3 से 4 डिग्री के आसपास रह रहा है। इतनी कड़ाके की ठंड का सीधा असर धाम में चल रहे पुनर्निर्माण और अन्य जरूरी कामों पर पड़ रहा है। धाम में चल रहे कार्यों की देखरेख कर रहे सेवानिवृत्त कैप्टन सोबन सिंह ने बताया कि दोपहर करीब तीन बजे के बाद बर्फबारी अचानक तेज हो गई। इसके बाद काम जारी रखना संभव नहीं रह गया और मजदूरों को काम रोकना पड़ा। उन्होंने कहा कि लगातार बर्फ गिरने से जमीन जम जाती है, औजारों के साथ काम करना मुश्किल हो जाता है और मजदूरों के स्वास्थ्य पर भी खतरा बढ़ जाता है। लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी प्रतीक जैन ने बताया कि नए साल से केदारनाथ क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है। इसी वजह से ठंड का असर काफी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि अत्यधिक ठंड और खराब मौसम के कारण पुनर्निर्माण कार्यों में दिक्कत आ रही है।

सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब मजदूरों को धीरे धीरे सोनप्रयाग की ओर भेजा जा रहा है, ताकि किसी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। केदारनाथ धाम में जनवरी महीने के दौरान यह तीसरी बार है जब जमकर बर्फबारी हुई है। लगातार बर्फ गिरने से न केवल धाम का तापमान माइनस में पहुंच गया है, बल्कि इसका असर निचले इलाकों में भी साफ दिखाई दे रहा है। आसपास के क्षेत्रों में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है और आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोक निर्माण विभाग गुप्तकाशी के अधिशासी अभियंता राजविंद सिंह ने बताया कि बर्फबारी के कारण काम करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि रात में तापमान माइनस दस डिग्री तक चला जा रहा है और दिन में भी बहुत ठंड रहती है। फिलहाल धाम में करीब 40 मजदूर सीवर लाइन और पाइप लाइन से जुड़े काम कर रहे हैं। इसके अलावा केदारनाथ आपदा में क्षतिग्रस्त हुए पुराने रामबाड़ा पैदल मार्ग पर करीब 100 मजदूर काम में लगे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगर मौसम ने साथ दिया तो इस साल की यात्रा के दौरान पुराने पैदल मार्ग से श्रद्धालुओं की आवाजाही फिर से शुरू हो सकेगी। हालांकि, लगातार बर्फबारी के चलते फिलहाल काम की रफ्तार धीमी पड़ गई है। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग के अनुसार उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं कहीं बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड और बढ़ सकती है।






